लाल सागर में बढ़ते हूती हमलों से बिगड़े हालात, बाब अल-मंदब की आवाजाही पर खतरा; भारत ने जताई गंभीर चिंता

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नई दिल्ली: लाल सागर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे संघर्ष और हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर भारत ने चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब के अलग-अलग इलाकों में आम नागरिकों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगातार हो रहे ऐसे हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है और बाब अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है।

लाल सागर में बढ़ते संघर्ष पर भारत चिंतित

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने लाल सागर क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। भारत ने उम्मीद जताई है कि युद्ध से प्रभावित इस क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी। भारत का कहना है कि लगातार जारी हमलों से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

सऊदी अरब पर हुए हमलों की भारत ने की निंदा

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने सऊदी अरब के इलाकों पर हुए उन हमलों की भी निंदा की, जिनमें आम लोगों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने मक्का पर हमले के प्रयास के बाद भारत की ओर से जारी किए गए बयान का भी जिक्र किया।

बाब अल-मंदब से आवाजाही की आजादी पर खतरा

भारत ने बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य से होकर होने वाली आवाजाही की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी चुनौती पैदा करते हैं। भारत ने कहा है कि वह इस स्थिति को स्वीकार्य नहीं मानता और इलाके में जल्द शांति बहाली की उम्मीद करता है।

बाब अल-मंदब में हूती विद्रोहियों का बढ़ता नियंत्रण

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत अपने राजनयिक माध्यमों के जरिए क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हूती विद्रोहियों के बाब अल-मंदब क्षेत्र में नियंत्रण बढ़ने की बात सामने आई है। हूती विद्रोहियों ने मयून द्वीप समेत कई द्वीपों पर कब्जा जमा लिया है और यमन की मोखा पोर्ट सिटी पर भी उनका नियंत्रण बताया गया है।

बाब अल-मंदब से गुजरने वाले जहाजों के लिए हूती विद्रोहियों की गतिविधियां चुनौती बढ़ा सकती हैं। यदि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से आवाजाही प्रभावित होती है तो भारत समेत एशिया के कई देशों के व्यापार पर इसका असर पड़ सकता है।

 

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