रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी धन के कथित इस्तेमाल और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है। रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज एफआईआर में आजम खां समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
जिला जेल में छह घंटे पूछताछ के बाद हुई कार्रवाई
बुधवार को ईडी की टीम ने रामपुर जिला जेल में बंद आजम खां से करीब छह घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने से जांच ने नया मोड़ ले लिया है। ईडी ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भेजी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई कराई है।
सरकारी धन के दुरुपयोग का लगाया गया आरोप
ईडी की जांच में आरोप लगाया गया है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में सरकारी धन और सरकारी निर्माण सामग्री का कथित रूप से इस्तेमाल किया गया। एजेंसी के मुताबिक, कुछ सरकारी कार्यों के लिए जारी धन को ठेकेदारों के माध्यम से निर्माण कार्यों में लगाया गया और बाद में रकम को ट्रस्ट को दान के रूप में लौटाए जाने की आशंका जताई गई है।
एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर में हुए करीब 416.14 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का खर्च ट्रस्ट की घोषित आय और व्यय से स्पष्ट नहीं होने का दावा किया गया है। वहीं ईडी ने सरकारी धन से कराए गए विभिन्न कार्यों का कुल मूल्य करीब 85.81 करोड़ रुपये बताया है।
ठेकेदारों और ट्रस्ट के लेनदेन की जांच तेज
ईडी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आजम खां के प्रभाव के चलते कुछ ठेकेदारों को सरकारी काम मिले और उन कार्यों से जुड़ी सामग्री का इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी में किया गया। एजेंसी ने कुछ दान राशि को भी वास्तविक लेनदेन के बजाय कथित तौर पर ठेकेदारों से ट्रस्ट तक धन पहुंचाने का माध्यम बताया है।
ईडी ने इन आरोपों के समर्थन में संबंधित लोगों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला दिया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले से दर्ज मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग जांच का भी जिक्र
ईडी ने अपनी रिपोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े पहले से दर्ज मुकदमों और मनी लॉन्ड्रिंग जांच का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, यूनिवर्सिटी की जमीन और निर्माण कार्यों से संबंधित मामलों की पहले से जांच चल रही है। अब सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और अन्य अनियमितताओं को लेकर पुलिस ने नया मुकदमा दर्ज किया है।
आजम खां और अन्य पक्षों का बयान आना बाकी
एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच अभी शुरुआती चरण में है। मामले में आजम खां और अन्य संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।