गांधी-शास्त्री जयंती पर पॉक्सो कानून को लेकर निकली जागरूकता रैली, स्कूली बच्चों ने लोगों को बताए बाल सुरक्षा और अधिकार
गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को पॉक्सो अधिनियम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता रैली निकाली गई। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस रैली को जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अतुल श्रीवास्तव तथा न्यायिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली दीवानी न्यायालय परिसर से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंची। इसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों को लेकर आम लोगों को जागरूक किया गया।
सुबह दीवानी न्यायालय परिसर में हुआ कार्यक्रम
रैली से पहले सुबह 8 बजे दीवानी न्यायालय, गौतमबुद्धनगर के सभाकक्ष में गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव और अन्य सम्मानित सदस्य मौजूद रहे।
इस दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। दोनों महान विभूतियों के जीवन, राष्ट्रसेवा में उनके योगदान और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
स्कूली बच्चों ने रैली में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम के बाद पॉक्सो अधिनियम के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रैली निकाली गई। इसमें ईश्वर चंद इंटर कॉलेज, सी.एस. स्कूल, एस.बी.एस. इंटर कॉलेज और कंपोजिट विद्यालय समेत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों ने सहभागिता की।
रैली के जरिए छात्र-छात्राओं ने जनपदवासियों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
बाल यौन अपराधों की रोकथाम को लेकर किया जागरूक
जागरूकता रैली के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और बाल यौन अपराधों की रोकथाम को लेकर आम लोगों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बढ़ाना और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े प्रावधानों की जानकारी आमजन तक सरल तरीके से पहुंचाना रहा।