तिरुपति की फार्मा कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, 5 कर्मचारियों की मौत और 10 की हालत गंभीर; मौके पर मची अफरा-तफरी
तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में एक निजी फार्मास्युटिकल कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। सत्यवेदु मंडल क्षेत्र के श्री सिटी स्थित टीआईएल हेल्थकेयर फार्मास्युटिकल कंपनी में हुए धमाके में 5 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद कंपनी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बचाव एवं आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारियों ने अभी तक हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। हादसे की विस्तृत वजह की भी फिलहाल जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान और घायलों की चिकित्सीय जांच पूरी होने के बाद ही हताहतों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
तकनीकी खराबी समेत इन पहलुओं की होगी जांच
अधिकारियों के मुताबिक हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। इसमें यह देखा जाएगा कि कहीं तकनीकी खराबी, सुरक्षा व्यवस्था में कमी, कामकाज में किसी तरह की चूक या किसी अन्य कारण से तो यह घटना नहीं हुई। जांच के बाद ही बॉयलर फटने की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
मंत्री नारा लोकेश ने जताया गहरा दुख
आंध्र प्रदेश के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृत कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
नारा लोकेश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायल कर्मचारियों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
तिरुपति सांसद ने की हादसे की गहन जांच की मांग
तिरुपति के सांसद डॉ. मड्डिला गुरुमूर्ति ने भी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृत कर्मचारियों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की। सांसद ने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात भी कही।
डॉ. मड्डिला गुरुमूर्ति ने कहा कि शुरुआती जानकारी में कई मजदूरों की मौत की बात सामने आई है, जिससे उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने हादसे के कारणों की गहन जांच कराने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन हो।
सांसद ने सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के बाद जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
इस साल अप्रैल में छत्तीसगढ़ में भी हुआ था बॉयलर हादसा
इससे पहले इसी साल अप्रैल में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हुआ था। उस घटना में 20 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 40 लोग घायल हुए थे।