‘सैनिकों के सम्मान से खिलवाड़ का जनता देगी जवाब’, राहुल गांधी पर सीएम धामी का हमला; डोभाल पर टिप्पणी को लेकर भी घेरा
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सनातन, सेना और सैनिकों के पराक्रम को लेकर सवाल उठाने का आरोप लगाया है। बदरीनाथ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने कहा कि डोभाल उत्तराखंड के गौरव हैं और उन्होंने देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया है।
अजीत डोभाल पर टिप्पणी को लेकर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के लिए राहुल गांधी ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उससे उत्तराखंड और देश के लोग आहत हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की भावनाओं को चोट पहुंचाता है।
सेना और सैनिकों को लेकर राहुल गांधी पर लगाया आरोप
धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आए दिन देश की सेना, सैनिकों और उनके पराक्रम पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल प्रदेश है और यहां के लोगों का सेना तथा सैनिकों के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सम्मान और सैनिकों की भावनाओं से खिलवाड़ का जनता लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस को जवाब देगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सनातन को कमजोर करने और उसे लेकर आपत्तिजनक बातें करने को अपनी राजनीति का हिस्सा बना लिया है।
प्रधानमंत्री की मां को लेकर टिप्पणी का भी किया जिक्र
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस भाषा का इस्तेमाल प्रधानमंत्री की मां के लिए किया गया, उससे मातृशक्ति आहत हुई है।
धामी ने इस मामले को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की सोच पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि इस तरह के बयानों से संबंधित नेताओं की मानसिकता सामने आती है।
उत्तराखंड में सेना से गहरा जुड़ाव होने की बात कही
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का सेना और सैनिकों से पुराना तथा गहरा संबंध है। प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग सेना से जुड़े रहे हैं और सैनिकों के प्रति यहां के लोगों में विशेष सम्मान है। ऐसे में सैनिकों और सेना के पराक्रम पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों को लेकर प्रदेश में प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है।