अमेरिका में मौत की सजा का अजीब मामला, जहरीले इंजेक्शन के दो डोज के बाद भी जिंदा बची क्रिस्टा पाइक; अब असहनीय दर्द से बेहाल

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वाशिंगटन: अमेरिका के टेनेसी राज्य में मृत्युदंड देने की कोशिश के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां क्रिस्टा पाइक नाम की महिला को जानलेवा इंजेक्शन के जरिए मौत की सजा देने का प्रयास किया गया, लेकिन पेंटोबार्बिटल दवा के दो डोज दिए जाने के बावजूद उसकी जान नहीं गई। हालांकि, इस प्रक्रिया के बाद से वह लगातार असहनीय शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजर रही है। करीब एक महीने बाद पहली बार सार्वजनिक बयान देते हुए पाइक ने इस घटना के लिए व्यवस्था की अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया है।

मौत के बजाय मिला लगातार दर्द

मृत्युदंड की असफल कोशिश के करीब एक महीने बाद शुक्रवार को क्रिस्टा पाइक ने अपनी स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंजेक्शन दिए जाने के बाद से उन्हें लगातार दर्द हो रहा है। हालत यह है कि उन्हें बोलने में भी काफी परेशानी होती है।

पाइक के मुताबिक, उन्होंने कभी यह कल्पना नहीं की थी कि अपनी तय मौत की तारीख के बाद भी उन्हें जिंदगी का सामना करना पड़ेगा। वह शांतिपूर्वक मौत के लिए तैयार थीं, लेकिन जब उनकी आंख खुली तो उन्होंने खुद को अस्पताल के बिस्तर पर अकेला और असमंजस की स्थिति में पाया।

पूरे शरीर में दर्द, बोलने में भी हो रही परेशानी

अपने बयान में क्रिस्टा पाइक ने कहा कि उस रात के बाद से एक भी पल ऐसा नहीं गुजरा, जब उन्हें दर्द न हुआ हो। उनके पूरे शरीर के साथ-साथ बांहों, हाथों और गले में भी लगातार पीड़ा बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अब भी उन्हें बोलने में काफी तकलीफ होती है।

पाइक ने यह भी कहा कि उनकी परेशानी केवल शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं है। इस घटना ने उनके मन और आत्मा पर भी गहरा असर डाला है। उन्होंने मृत्युदंड की प्रक्रिया में हुई विफलता के लिए अक्षमता को जिम्मेदार बताया।

1995 में सहपाठी की हत्या के मामले में मिली थी सजा

क्रिस्टा पाइक की उम्र 50 साल है। उन्हें 30 सितंबर को मृत्युदंड देने की कोशिश की गई थी। वर्ष 1995 में 19 वर्षीय सहपाठी कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था।

वारदात के समय पाइक की उम्र 18 साल थी। आरोप था कि उन्होंने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कोलीन स्लेमर को प्रताड़ित किया और फिर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में अदालत ने उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद वह अमेरिका में मौत की सजा पाने वाली सबसे कम उम्र की महिलाओं में शामिल हो गई थीं।

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