ईरान में शांति वार्ता पर घिरे राष्ट्रपति पेजेशकियन, बोले- सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना अमेरिका से बात संभव नहीं
तेहरान: अमेरिका के साथ जारी अप्रत्यक्ष शांति वार्ता को लेकर ईरान के भीतर उठ रहे विरोध के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया किसी व्यक्तिगत निर्णय का परिणाम नहीं है, बल्कि यह देश की तय संवैधानिक और रणनीतिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी सरकार ने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सहमति के बिना अमेरिका के साथ बातचीत शुरू की है। उन्होंने कहा कि ईरान सरकार की ओर से उठाया गया हर कूटनीतिक कदम सुप्रीम लीडर के मार्गदर्शन और निर्धारित निर्णय प्रक्रिया के अनुरूप ही उठाया गया है।
‘सुप्रीम लीडर मना करते तो वार्ता होती ही नहीं’
इस्लामिक डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन काउंसिल के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि यदि सुप्रीम लीडर बातचीत के खिलाफ निर्देश देते, तो उनकी सरकार अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता शुरू नहीं करती।
उन्होंने कहा कि अगर नेतृत्व की ओर से बातचीत नहीं करने का आदेश दिया गया होता तो न कोई बैठक होती और न ही किसी प्रकार की वार्ता आगे बढ़ती। उनके मुताबिक, सरकार ने हर स्तर पर शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का पालन किया है।
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में मिला भारी समर्थन
राष्ट्रपति ने बताया कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इस मुद्दे को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) के पास भेजा था। साथ ही यह शर्त रखी गई थी कि यदि काउंसिल के तीन-चौथाई सदस्य बातचीत के पक्ष में मतदान करते हैं, तभी इस दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
पेजेशकियन के अनुसार, इस प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला और 13 सदस्यीय परिषद में से 12 सदस्यों ने अमेरिका के साथ वार्ता के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने केवल समर्थन ही नहीं दिया, बल्कि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कर बातचीत की प्रक्रिया को मजबूती भी प्रदान की।
‘देश की रणनीति और नीतियों के तहत उठ रहे कदम’
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के सभी फैसले पहले से तय राष्ट्रीय नीतियों और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप लिए जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरी प्रक्रिया एकजुटता और समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है और इसमें किसी तरह का मतभेद नहीं है।
अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद संवेदनशील दौर में ईरान
राष्ट्रपति पेजेशकियन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।
इसी बीच, कतर की राजधानी दोहा में ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत का सिलसिला जारी है, जिस पर क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी करीबी नजर रखी जा रही है।