गौतमबुद्धनगर में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, DM ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश; जल्द मांगी विस्तृत कार्ययोजना

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गौतमबुद्धनगर: आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद के विभिन्न विभागों की तैयारियों का जायजा लिया गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग तत्काल प्रभाव से अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

यमुना किनारे के गांवों पर विशेष फोकस

बैठक में सिंचाई विभाग की ओर से यमुना नदी से प्रभावित होने वाले संभावित गांवों और क्षेत्रों की जानकारी प्रस्तुत की गई।

जिलाधिकारी ने सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, लोक निर्माण, विद्युत, जल निगम, अग्निशमन और आपूर्ति विभाग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर समन्वय और समयबद्ध योजना से बाढ़ के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों और लीज पर आवंटित भूमि पर चल रही ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिनसे जनहानि की आशंका हो।

उन्होंने पुलिस विभाग से भी कहा कि नियमों के विपरीत निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में तीनों विकास प्राधिकरणों के एसीईओ की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।

तटबंधों की मरम्मत और चेतावनी प्रणाली मजबूत करने के निर्देश

प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण के लिए पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने तटबंधों के समयबद्ध निरीक्षण और मरम्मत, बाढ़ चौकियों की स्थापना तथा नालों की सफाई कर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने और बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

गौशालाओं, फसलों और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष तैयारी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को डूब क्षेत्र में स्थित सरकारी और गैर सरकारी गौशालाओं की मैपिंग करने और वैकल्पिक अस्थायी गौशालाओं के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही सभी गौशालाओं में पर्याप्त भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिला कृषि अधिकारी को फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग को रैपिड रिस्पांस टीम और मेडिकल टीम को बाढ़ चौकियों पर तैनात रखने तथा एंबुलेंस में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने को कहा गया।

बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी फोकस

विद्युत विभाग को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वहीं जल निगम को बाढ़ चौकियों पर मौजूद हैंडपंपों की मरम्मत कराने और जहां जरूरत हो वहां नए हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए गए।

सभी विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समय रहते अपनी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग के पास संसाधनों की कमी है तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, डिप्टी सीएमओ डॉ. टीकम सिंह, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर राजू यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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