नई दिल्ली: डेंगू बुखार के मामलों में मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इस दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा भी रहता है। ऐसे में पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और पौष्टिक आहार का सेवन करना रिकवरी में मददगार हो सकता है। हालांकि, डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। केवल खान-पान के भरोसे इस बीमारी का इलाज नहीं किया जा सकता।
डेंगू में क्या खाना-पीना फायदेमंद हो सकता है?
डेंगू के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी, ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। पपीता, अनार, नारियल पानी, हल्दी और मेथी को आमतौर पर सेहत से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि इनमें से किसी भी चीज को डेंगू का पक्का इलाज या प्लेटलेट्स बढ़ाने का प्रमाणित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
1. पपीते के पत्ते का सेवन करने से पहले बरतें सावधानी
पपीते के पत्तों में कुछ एंजाइम पाए जाते हैं और इनका इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, डेंगू में पपीते के पत्तों का रस पीने से प्लेटलेट्स बढ़ने या बीमारी जल्दी ठीक होने के पर्याप्त ठोस प्रमाण नहीं हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इसका जूस या अर्क न लें और इसे निर्धारित इलाज का विकल्प न बनाएं।
2. अनार से मिल सकते हैं जरूरी पोषक तत्व
अनार में एंटीऑक्सिडेंट और कई पोषक तत्व होते हैं। बीमारी के दौरान भूख कम लगने पर अनार के दाने या इसका सेवन संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अनार खाने से डेंगू के कारण कम हुई प्लेटलेट्स सीधे बढ़ने की गारंटी नहीं है। इसे पौष्टिक फल के तौर पर लें, न कि बीमारी के उपचार के रूप में।
3. नारियल पानी से शरीर में तरल की कमी दूर करने में मदद
डेंगू के दौरान बुखार, उल्टी और कम मात्रा में तरल लेने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। नारियल पानी शरीर को तरल और कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स उपलब्ध करा सकता है। इसके अलावा पानी, सूप और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस भी उपयोगी हो सकते हैं। यदि लगातार उल्टी हो रही हो या मरीज पानी नहीं पी पा रहा हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
4. हल्दी वाला दूध ले सकते हैं, लेकिन इलाज न समझें
हल्दी का इस्तेमाल भारतीय घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है। यदि मरीज को दूध से परेशानी नहीं होती और वह इसे आसानी से पी सकता है, तो हल्दी वाला दूध सामान्य आहार का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, हल्दी वाला दूध डेंगू का बुखार तेजी से उतारता है या संक्रमण ठीक करता है, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसे डॉक्टर की सलाह और जरूरी इलाज का विकल्प न बनाएं।
5. मेथी का सेवन सामान्य आहार के तौर पर करें
मेथी का इस्तेमाल भारतीय भोजन में किया जाता है। इसे सामान्य मात्रा में खाने में शामिल किया जा सकता है, लेकिन डेंगू में मेथी से तेज बुखार या शरीर का दर्द कम होने के ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। मेथी के बीज या अर्क को औषधि की तरह अधिक मात्रा में लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
डेंगू में इन बातों का रखें खास ध्यान
डेंगू में पर्याप्त आराम करना, शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच व निगरानी कराना जरूरी है। प्लेटलेट्स की संख्या और मरीज की स्थिति का आकलन चिकित्सा विशेषज्ञ करते हैं। बिना सलाह के दवाएं न लें; खासकर एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।
पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, खून की उल्टी, असामान्य सुस्ती या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल जाएं। डेंगू में सही समय पर चिकित्सकीय देखभाल बेहद जरूरी है।