शादी में गरीबी की वजह से नहीं बुलाया गया, चाय बेचने वाले पिता के बेटे ने 23 साल में रच दी कामयाबी की कहानी

0 23

रांची: आर्थिक तंगी, संघर्ष और अपमान को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाकर अंकित मिश्रा ने सफलता की नई मिसाल पेश की है। चाय बेचने वाले पिता के बेटे अंकित ने कठिन हालातों के बीच मेहनत जारी रखी और 23 साल की उम्र में UPSC CAPF परीक्षा पास कर क्लास-1 अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

अंकित की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें एक रिश्तेदार की शादी में नहीं बुलाया गया। यह घटना उनके लिए बेहद पीड़ादायक थी, लेकिन उन्होंने इस अपमान को अपनी मंजिल हासिल करने का संकल्प बना लिया।

पक्के घर से लेकर बड़े सपने तक, संघर्षों से भरा रहा सफर

अंकित आशीष मिश्रा का बचपन बेहद साधारण परिस्थितियों में गुजरा। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके पास अपना पक्का घर तक नहीं था। उनके पिता एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे, लेकिन सीमित आमदनी के कारण परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पढ़ाई में अंकित हमेशा आगे रहे। उन्होंने 10वीं कक्षा में जिला स्तर पर टॉप किया। इसके बाद इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने मेहनत के दम पर खुद को साबित किया। 11वीं में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए और आगे भी अपनी पढ़ाई में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे।

शादी में हुए अपमान ने बदल दी जिंदगी की दिशा

अंकित बताते हैं कि आर्थिक स्थिति के कारण कई बार समाज में भेदभाव का सामना करना पड़ा। एक पारिवारिक शादी में उन्हें और उनके माता-पिता को सिर्फ इसलिए नहीं बुलाया गया क्योंकि उनके माता-पिता चाय बेचते थे।

इस घटना ने अंकित को अंदर तक झकझोर दिया। उन्होंने ठान लिया कि अपनी मेहनत और सफलता से वह लोगों की सोच बदलकर दिखाएंगे। यही अपमान उनके जीवन का बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया।

पिता की नौकरी गई तो बेटे ने संभाली परिवार की जिम्मेदारी

कोरोना महामारी के दौरान अंकित के परिवार पर एक और मुश्किल समय आया। उनके पिता की प्राइवेट नौकरी चली गई, जिससे आर्थिक परेशानियां और बढ़ गईं।

ऐसे समय में अंकित ने पढ़ाई के साथ परिवार की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने घर-घर जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और अपनी बचत से पिता को चाय का ठेला लगाने में मदद की। मुश्किल हालातों के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

UPSC के लिए छोड़ी मौज-मस्ती, पुराने नोट्स से की तैयारी

अंकित ने कॉलेज के दिनों में ही UPSC की तैयारी का फैसला कर लिया था। उन्होंने दोस्तों के साथ घूमने-फिरने के बजाय पूरी मेहनत पढ़ाई में लगाई।

तैयारी के दौरान संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। उन्होंने पुराने नोट्स और किताबों के सहारे पढ़ाई की। कॉलेज की पढ़ाई और UPSC की तैयारी के बीच तालमेल बनाते हुए उन्होंने अनुशासन के साथ अपना लक्ष्य हासिल करने की कोशिश जारी रखी।

पहले प्रयास में मिली असफलता, दूसरे मौके में हासिल की बड़ी सफलता

अंकित के लिए सफलता का रास्ता आसान नहीं था। अपने पहले प्रयास में वह फाइनल सिलेक्शन से सिर्फ 7 अंकों से चूक गए। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

शारीरिक चोट के बाद भी उन्होंने फिजिकल टेस्ट के लिए पूरी मेहनत की। पिता की चिंता और संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने खुद को मजबूत बनाए रखा।

2025 की UPSC CAPF परीक्षा में अंकित मिश्रा ने ऑल इंडिया रैंक 236 हासिल की और 23 साल की उम्र में क्लास-1 अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लिया। उनकी कहानी आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.