गौतमबुद्धनगर: दिल्ली बस के सरकारी चालक किशनलाल को वर्ष 2019 के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम गौतमबुद्धनगर मयंक त्रिपाठी के न्यायालय ने 02 वर्ष की सजा व जुर्माने से दंडित किया है। संक्षेप में दिनांक 24.05.2019 को शाम 3:45 पर वादी मुकदमा ब्रह्माशंकर की बेटी लोरी जब कराटे सीखाकर आ रही थी तो सेक्टर 20 के पास लापरवाही से बस डीएल 01 पीसी 0087 चलाकर चालक किशनलाल ने उसके बांये पैर पर बस का पहिया चढ़ा दिया जिसके परिणामस्वरूप लोरी का बायाँ पैर काटना पड़ा और उसे कृत्रिम पैर लगवाना पड़ा।
अभियोजन अधिकारी गौतमबुद्धनगर राजेश शुक्ला द्वारा बताया गया कि न्यायालय ने वादी मुकदमा एवं पीड़िता लोरी के बयानों के आधार पर अभियुक्त किशनलाल को धारा 279, 338 भारतीय दंड संहिता,अन्तर्गत थाना-सेक्टर 24,में दोषी पाते हुए दो साल की सजा और 2000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।निर्णय में न्यायालय ने यह भी राय व्यक्त किया है कि वाहन चलाते समय सरकारी चालकों से सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा दायित्व और भी ज़्यादा होना चाहिए।