जयपुर: राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं दर्ज की गई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
इन जिलों में दिखेगा मौसम का असर
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर के करणपुर में 11.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि पूर्वी राजस्थान के उदयपुर के कोटड़ा में 32 मिमी तक वर्षा हुई। विभाग का कहना है कि जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
6 अप्रैल से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रह सकता है, लेकिन 6 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने बताया कि 6 अप्रैल की दोपहर से जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में इस मजबूत सिस्टम का असर शुरू होगा, जिससे आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इसका प्रभाव 7 अप्रैल को अपने चरम पर पहुंचने की संभावना है।
तेज हवाएं और भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम के प्रभाव से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ मध्यम से भारी बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं 8 अप्रैल को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है, जबकि बाकी क्षेत्रों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।
किसानों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार कटी हुई फसलों और अनाज को खुले में न छोड़ें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका को देखते हुए पहले से आवश्यक इंतजाम करने की अपील की गई है।