नई दिल्ली। 228 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी से पूछताछ की है। अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी ने उनसे इस मामले में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए सवाल-जवाब किए। बताया गया है कि जय अनमोल अंबानी को शनिवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले से संबंधित है। जांच एजेंसी इस प्रकरण में रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व सीईओ और पूर्व पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधाकर समेत कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
2025 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार इस मामले में सीबीआई ने 9 दिसंबर 2025 को जय अनमोल अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी ने उनके आवास पर तलाशी भी ली थी।
बताया गया कि यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर की गई थी। बैंक ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने बैंक से लिए गए कर्ज का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते वर्ष 2019 में यह खाता एनपीए में बदल गया था।
2024 में घोषित हुआ फ्रॉड अकाउंट
जांच एजेंसी के मुताबिक संबंधित खाते को 10 अक्टूबर 2024 को आधिकारिक तौर पर फ्रॉड अकाउंट घोषित कर दिया गया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
कई बैंकों का हजारों करोड़ बकाया
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा केवल एक बैंक तक सीमित नहीं रह सकता। बताया जा रहा है कि रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर 18 बैंकों के कंसोर्टियम, वित्तीय संस्थानों और कंपनियों का कुल 5,572.3 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।
कभी देश के शीर्ष उद्योगपतियों में थी गिनती
अनिल अंबानी की गिनती एक समय देश के प्रमुख उद्योगपतियों में होती थी। हालांकि हाल के वर्षों में उनके कारोबारी समूह को कई वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। खुद अनिल अंबानी पहले भी कह चुके हैं कि उनकी व्यक्तिगत नेटवर्थ अब शून्य हो चुकी है।