गौतमबुद्ध नगर पहुंचे मॉरीशस के 26 अधिकारी, प्रशासनिक मॉडल और विकास कार्यों को समझा

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गौतमबुद्धनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक अनुभव साझा करने की दिशा में एक अहम पहल देखने को मिली, जब मॉरीशस के 26 सदस्यीय सिविल सेवकों का प्रतिनिधिमंडल जिले के शैक्षणिक और प्रशासनिक भ्रमण पर पहुंचा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद कर जिले की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया।

अधिकारियों ने किया प्रतिनिधिमंडल का स्वागत
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत किया और उन्हें जिले की प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराया।

प्रशासनिक ढांचा और जिलाधिकारी की भूमिका पर विस्तार से प्रस्तुति
जिलाधिकारी ने जनपद की प्रशासनिक संरचना, शासन-प्रशासन की कार्यशैली और जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रमुख कड़ी है। राजस्व व्यवस्था, विभागीय समन्वय, आपदा प्रबंधन, चुनावी प्रक्रिया और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जिलाधिकारी की केंद्रीय भूमिका होती है। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में सदर, दादरी और जेवर तहसील के साथ बिसरख, दादरी और जेवर विकास खंड तथा छह नगर निकाय संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था बहुस्तरीय रूप में कार्य करती है।

ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता पर जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी नवाचार और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रहा है। जनसुनवाई, ऑनलाइन शिकायत निवारण और डिजिटल माध्यमों के जरिए आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

केंद्र और राज्य की योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी
मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पोषण योजना, जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित राज्य की योजनाओं—शादी अनुदान, अटल आवासीय विद्यालय, सामूहिक विवाह, कन्या सुमंगला, बाल सेवा, अभ्युदय, एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री आवास और युवा उद्यमी योजना के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों का चयन कर योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाता है।

पुलिस व्यवस्था और कमिश्नरेट प्रणाली की जानकारी
संवाद के दौरान जिले की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर अन्य जिलों से अलग है, जहां तीन प्राधिकरण विकास कार्यों की निगरानी करते हैं। साथ ही यहां पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, जिसके अंतर्गत पुलिसिंग के साथ फायर सेफ्टी की जिम्मेदारी भी शामिल है।

साइबर सुरक्षा और जागरूकता पर विशेष प्रस्तुति
साइबर सुरक्षा को लेकर उप निरीक्षक बलजीत सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम, जागरूकता अभियान और तकनीकी उपायों के माध्यम से आम लोगों को सुरक्षित रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

दोनों देशों के बीच प्रशासनिक अनुभवों का आदान-प्रदान
बैठक के दौरान भारत और मॉरीशस के अधिकारियों के बीच प्रशासनिक अनुभव साझा किए गए। इस दौरान सुशासन को मजबूत करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।

ओडीओपी योजना के तहत स्मृति चिन्ह भेंट
कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी ने मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल को “एक जनपद एक उत्पाद” योजना के तहत तैयार स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा, डिप्टी कलेक्टर वेद प्रकाश पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

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