नई दिल्ली: ‘ला नीना’ के असर से इस साल सर्दी अधिक और लंबे समय तक पड़ने की संभावना है। इसका प्रभाव दिसंबर के पहले सप्ताह में दिखने लगेगा। इस साल तापमान में अधिक कमी आएगी। सोमवार को यूपी में न्यूनतम पारा 08 डिग्री रहा जो अब तक सबसे कम है। मौसम विभाग की मानें तो तापमान में अब धीरे-धीरे वृद्धि संभव है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम चरम पर पहुंच रहे हैं। अधिक बारिश के बाद अक्टूबर माह से ही पहाड़ों पर अत्यधिक बर्फ जमने लगी है। पूर्वी हवाओं के रुकते ही इसका असर मैदानी हिस्सों में आई शुरुआती सर्दी के रूप में दिखने लगा है। मध्य प्रदेश राजस्थान, उड़ीसा, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में नवंबर माह में भीषण शीतलहर रही है।
उत्तर प्रदेश भी शीतलहर की चपेट में आया है। यदि कानपुर को देखें तो यहां 17 दिवसों में 10 दिन रात का तापमान 10 डिग्री या इससे नीचे रहा है। इस दौरान केवल दो दिन ही रात का पारा 10 डिग्री रहा है शेष दिवसों में इससे कम रिकॉर्ड किया गया है। सोमवार को न्यूनतम पारा 8.0 डिग्री रहा जो सामान्य से 04.5 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान में 27.2 डिग्री रहा जो सीजन (नवंबर) का सबसे कम अधिकतम पारा है। यह सामान्य से कम है। कानपुर की रात इन 10 दिवसों में से सात बार प्रदेश में सबसे ठंडी रही है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 08 डिग्री रिकार्ड किया गया यह प्रदेश में सबसे कम है। मौसम विभाग के अनुसार ला नीना की स्थिति बनने के बाद तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।
नवंबर अंत में बारिश!
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ला नीना प्रशांत महासागर में होने वाली एक ऐसी प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें समुद्र तल का तापमान काफी गिर जाता है। इस कारण से विशेष कर उत्तर भारत में अधिक सर्दी पड़ने की संभावना हो जाती है। इस साल ऐसी ही स्थितियां बन रही हैं। नवंबर के आखिर तक बारिश की संभावना हैं। फिर ला नीना का प्रभाव बढ़ जाएगा। उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ने की प्रबल संभावना है। सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष सर्दी अधिक पड़ने की संभावना है लेकिन नवंबर के तीसरे सप्ताह में तापमान बढ़ सकते हैं।