नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में 2020 में हुए दंगों की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद उमर खालिद के समर्थन में अमेरिका (US MPs) के आठ सांसदों ने आवाज उठाई है। अमेरिका में विपक्ष में बैठी डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ सांसदों ने यह पत्र अमेरिका में मौजूद भारत के राजदूत को सौंपा। अब इस पत्र को लेकर भारत में राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा की तरफ पत्र लिखने वाली एक सांसद जेनिस शाकोव्स्की और राहुल गांधी की एक तस्वीर शेयर करते हुए कहा गया कि यह राहुल की भारत विरोधी टोली है। 2024 में हुई इस मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि यह लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के भारत विरोधी रुख का सबूत है।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर राहुल गांधी और शाकोव्स्की और इल्हान उमर के साथ एक तस्वीर साझा की। गौरतलब है कि इल्हान उमर का भारत विरोधी रुख लगातार चर्चा में बना रहता है। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए भंडारी ने लिखा, “जब भी विदेशों में भारत-विरोधी बातें फैलाई जाती हैं, तो एक नाम बार-बार सामने आता है… जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उसकी चुनी हुई सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और उसके आतंकवाद-विरोधी कानूनों को कमजोर करना चाहते हैं, वे सब उसके इर्द-गिर्द इकट्ठा होते हैं।” हालांकि, इस दावे पर अभी तक कांग्रेस या राहुल गांधी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सोशल मीडिया साइट पर लिखे अपने पोस्ट में भंडारी ने दावा किया कि 2024 में राहुल गांधी की यात्रा के दौरान वह भारत विरोदी इल्हान उमर और शाकोव्स्की से मिले थे। इस दौरान उन्होंने इल्हान के साथ एक बिल पर भी चर्चा की थी। यह बिल विश्व में इस्लामोफोबिया की निगरानी और उससे निपटने तथा संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए एक कार्यालय के गठन का प्रस्ताव था।
राहुल गांधी पर साजिश का आरोप लगाते हुए भंडारी ने कहा कि उनकी टोली नए तरीके से काम करती है। उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 में जेन शाकोवस्की और राहुल गांधी अमेरिका में मिलते हैं, इस मुलाकात में उनके साथ भारत विरोधी इल्हान भी शामिल होती है। इसके बाद जनवरी 2025 में इल्हान इंटरनेशनल स्तर पर इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने का अधिनियम पेश करती हैं, जिसमें भारत को बदनाम करने की कोशिश की जाती है।

2026 की जनवरी में वही जेन शकाव्स्की भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद की रिहाई और केस को लेकर अपनी चिंता जताती हैं। याद रखिए उसी उमर खालिद पर जो कि दंगों के गंभीर आरोपों के चलते जेल में बंद है। डेमोक्रेटिक सांसद शाकोव्स्की और उनके आठ साथियों ने ने भारतीय राजदूत के माध्यम से सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद के मुकदमे को अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इन सांसदों ने अपने पत्रों में कहा कि उमर खालिद के ऊपर जो आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं, उनके कोई ठोस सबूत नहीं है। इतना ही नहीं मानवाधिकार संगठनों की तरफ से की गई जांच में भी खालिद को आतंकवादी गतिविधि से जोड़ने वाली कोई लिंक नहीं मिली है।
गौरतलब है कि इन आठ सांसदों के पहले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी उमर खालिद को लेकर पत्र लिखा था।