ढाका : बांग्लादेश नेशनल हिंदू महाजोत के महासचिव गोबिंद चंद्र प्रमाणिक ने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने की घोषणा की है। वह आगामी चुनावों के लिए अपना नामांकन पत्र रद्द करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। प्रमाणिक ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गढ़ माने जाने वाले गोपालगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा था।
चुनाव नियमों के मुताबिक, इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार को कम से कम 3,086 मतदाताओं के हस्ताक्षर वाला सहमति पत्र जमा करना अनिवार्य है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जांच में पाया कि कई हस्ताक्षरों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके कारण उनका नामांकन अमान्य घोषित कर दिया गया। चुनाव आयोग के इस फैसले पर एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए प्रमाणिक ने कहा कि उन्हें प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद है और वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।
हालांकि इस पर प्रमाणिक ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए को बताया था कि उन्होंने असली हस्ताक्षर जमा किए थे, लेकिन ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी’ के कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थकों को डराया-धमकाया और अधिकारी के सामने यह झूठ बोलने पर मजबूर किया। इसके चलते उनका नमांकन रद्द हुआ।

यह चुनावी घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय डर के साये में है और उन पर हमलों की खबरें लगातार आ रही हैं। हाल ही में नए साल की पूर्व संध्या पर एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसमें खोकन दास नामक हिंदू व्यक्ति की नृशंस हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से वार किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जान बचाने के लिए दास पास के तालाब में कूदे, लेकिन गंभीर रूप से जलने के कारण ढाका में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस हत्याकांड में कार्रवाई करते हुए बांग्लादेश के विशिष्ट बल ‘रैपिड एक्शन बटालियन’ ने तीन आरोपियों- सोहाग, रब्बी और पलाश को गिरफ्तार कर लिया है। खुफिया जानकारी के आधार पर RAB की टीम ने किशोरगंज के बाजितपुर इलाके में छापा मारकर उन्हें पकड़ा। पुलिस अधीक्षक रौनक जहां ने पुष्टि की है कि मरने से पहले पीड़ित खोकन दास ने खुद हमलावरों के नाम बताए थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई हुई।