UP Property Rules: स्टाम्प-रजिस्ट्री पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, 13 प्रस्ताव मंजूर, अब ₹5000 में होगा संपत्ति ट्रांसफर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टाम्प और रजिस्ट्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए इन फैसलों का उद्देश्य परिवारों के बीच संपत्ति के कानूनी ट्रांसफर को आसान बनाना, विवाद और मुकदमेबाजी को कम करना तथा प्रॉपर्टी के मालिकाना हक में पारदर्शिता बढ़ाना है।
₹5000 स्टाम्प फीस पर संपत्ति ट्रांसफर की सुविधा
कैबिनेट के सबसे बड़े फैसले के तहत अब संपत्तियों का ट्रांसफर मात्र ₹5000 की स्टाम्प फीस पर किया जा सकेगा। पहले शहरी क्षेत्रों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था, जिससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था।
अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों पर भी लागू होगी गिफ्ट डीड
योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी गिफ्ट डीड के माध्यम से परिवार के सदस्यों के नाम रजिस्टर कराने की अनुमति दे दी है। इससे पहले यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि भूमि तक ही सीमित थी, लेकिन अब व्यवसायिक और औद्योगिक संपत्तियां भी इस दायरे में आ गई हैं।
2022 में शुरू हुई थी व्यवस्था, अब हुआ विस्तार
कैबिनेट बैठक में मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2022 से यह व्यवस्था आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए लागू की गई थी। अब इसे व्यवसायिक और औद्योगिक भूमि तक विस्तारित कर दिया गया है, जिससे परिवारिक व्यवसायों और उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

रजिस्ट्री नियमों की परिभाषाएं होंगी और स्पष्ट
सरकार ने कैबिनेट में रजिस्ट्री से जुड़ी परिभाषाओं को और स्पष्ट करने का भी निर्णय लिया है। योग्य परिवार के सदस्यों की श्रेणी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, ताकि रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज बिना किसी भ्रम के आसानी से पूरा हो सके।
कुशीनगर और झांसी में रजिस्ट्री कार्यालयों को मंजूरी
बैठक में कुशीनगर और झांसी में रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है। इससे इन जिलों में रजिस्ट्री से संबंधित सुविधाएं और बेहतर होंगी।
गजट नोटिफिकेशन के साथ लागू होंगे नए नियम
यूपी सरकार के अनुसार, ये सभी बदलाव अधिकारिक गजट में नोटिफिकेशन प्रकाशित होने की तारीख से तत्काल प्रभावी हो जाएंगे। इससे उत्तर प्रदेश में संपत्ति ट्रांसफर की प्रक्रिया न सिर्फ सरल बल्कि किफायती भी बन जाएगी, जिसका सीधा फायदा आम लोगों और छोटे व्यवसायियों को मिलेगा।