Kailash Nath Sharma BJP Joining: क्रांतिकारी परिवार के कैलाश नाथ शर्मा का BJP की ओर रुझान, जल्द थामेंगे कमल का दामन
कानपुरः उत्तर प्रदेश की सियासत में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रहा है। कानपुर के प्रतिष्ठित शर्मा परिवार से ताल्लुक रखने वाले कैलाश नाथ शर्मा जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता लेने जा रहे हैं। कैलाश नाथ शर्मा का संबंध ऐसे परिवार से है, जिसकी पहचान आजादी की लड़ाई से लेकर संगठनात्मक राजनीति तक रही है।
क्रांतिकारी और संगठन की विरासत से जुड़े कैलाश शर्मा
कैलाश नाथ शर्मा महान क्रांतिकारी राम किशोर शर्मा के भतीजे हैं, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी रहे थे। वहीं, उनके चाचा हरी किशोर शर्मा जनसंघ के दौर से ही सक्रिय रहे और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। ऐसे में कैलाश शर्मा के BJP की ओर कदम बढ़ाने को राजनीतिक हलकों में विरासत से जुड़ी वैचारिक वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।
“BJP ही वह पार्टी है जहां ब्राह्मण समाज सुरक्षित”
BJP में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर कैलाश नाथ शर्मा ने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि BJP ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जहां ब्राह्मण समाज खुद को सुरक्षित महसूस करता है। उनके मुताबिक पार्टी ने हमेशा सर्व समाज के हितों की बात की है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम किया है।
विधानसभा चुनाव को लेकर जताया भरोसा
कैलाश नाथ शर्मा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी आत्मविश्वास जताया है। उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उनके इस बयान को पार्टी के प्रति बढ़ते भरोसे और राजनीतिक स्पष्टता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

पहले संगठन से संवाद, फिर लेंगे औपचारिक सदस्यता
कैलाश नाथ शर्मा ने साफ किया कि वे फिलहाल तुरंत BJP की सदस्यता नहीं लेंगे। इसके बजाय पहले अपने समर्थकों के साथ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बैठकें करेंगे और जमीनी स्तर पर फीडबैक लेंगे। इसके बाद ही वे औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
राष्ट्र सेवा से जुड़ा रहा है परिवार का इतिहास
कैलाश शर्मा के अनुसार उनका परिवार आजादी से पहले से ही राष्ट्र सेवा से जुड़ा रहा है। क्रांतिकारी आंदोलन से लेकर संगठनात्मक राजनीति तक शर्मा परिवार ने हमेशा देश और विचारधारा को प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि उनका BJP की ओर रुख करना स्वाभाविक माना जा रहा है।
सदस्यता की तारीख पर टिकी राजनीतिक निगाहें
अब राजनीतिक गलियारों में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कैलाश नाथ शर्मा कब औपचारिक रूप से BJP की सदस्यता लेते हैं और इसका प्रदेश की राजनीति पर कितना असर पड़ता है।