रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की बात बदलाव की बयार में पूरा अयोध्या शहर बदला तो संस्कृति और संस्कारों पर भी असर दिखाई देने लगा है। यही कारण है कि अयोध्या धाम के होटलों, गेस्ट हाउसों व होम स्टे में ठहरने वाले यात्रियों/पर्यटकों के द्वारा आनलाइन आर्डर से मंगवाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में नानवेज का आर्डर होने की शिकायतें मिल रही है।
यह शिकायत सहायक खाद्य आयुक्त कार्यालय तक भी पहुंची है। शिकायतों में बताया गया कि आनलाइन आर्डर बुकिंग में अखाद्य पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है जबकि रामधाम में नानवेज (अखाद्य पदार्थ) प्रतिबंधित है। सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने अयोध्या कैंट के होटलों को निर्देशित कर रामनगरी से सम्बन्धित खाद्य पदार्थों की आर्डर बुकिंग में नानवेज की आपूर्ति करने पर रोक लगा दी है।
उन्होंने सभी हितधारकों को निर्देशित किया है कि रामनगरी की पवित्रता व शुचिता को बनाए रखने के लिए व्यवसायिक हितों से ऊपर उठकर सावधानी बरतें। उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ से भेंट में जानकारी दी है कि यदि नानवेज की आपूर्ति रामधाम में करते हुए पाए जाने पर सम्बन्धित होटल व उनके संचालक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने बताया कि रामधाम के सभी होटलों, गेस्ट हाउसों व होम स्टे के संचालकों को भी यह निर्देश दिया गया है कि वह अपने अपने प्रतिष्ठानों में यह लिखवाएं कि यहां नानवेज खाना और मंगाना पूर्ण प्रतिबंधित है। यदि कोई भी ऐसा कृत्य करता हुआ पाया जाएगा तो सम्बन्धित के खिलाफ भी विधिक कार्यवाही की जाएगी। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करना होगा। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
ब्रिटिश काल से नानवेज की बिक्री व सेवन पर रोक
अयोध्या। रामनगरी में नानवेज की बिक्री व सेवन पर ब्रिटिश काल से प्रतिबंध लागू है। इसकी तस्दीक अमावां राम मंदिर के पूर्व सचिव व पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल की पुस्तक अयोध्या रीविजिटेड में राजा महमूदाबाद के द्वारा अयोध्या में बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक कुर्बानी के मामले में दायर एक रिट पर ब्रिटिश सरकार की ओर से दिए गये विस्तृत आदेश में लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी दी गई है। बताया गया कि ब्रिटिश काल के इसी आदेश के आधार पर सिटी बोर्ड फैजाबाद के द्वारा भी रामनगरी में नानवेज की बिक्री व सेवन पर प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध आज भी लागू हैं। इस आदेश को किसी ने चुनौती भी नहीं दी।