उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां भीषण ठंड से बचने के लिए ट्रक के केबिन में ‘पेट्रोमैक्स लालटेन’ जलाकर सो रहे दो चालकों की दम घुटने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के संभल निवासी चाचा-भतीजे के रूप में हुई है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले मोहम्मद इरफान और मोहम्मद इकरार पेशे से ट्रक चालक थे। वे शनिवार रात रामनगर के पीरूमदारा गांव स्थित एक स्टोन क्रशर में खनिज सामग्री (रेत-बजरी) भरने आए थे। रविवार सुबह करीब 5:00 बजे उन्होंने ट्रक में माल लोड किया और उसे क्रशर से बाहर खड़ा कर दिया। कड़ाके की ठंड और पाले से बचने के लिए दोनों ट्रक के केबिन के अंदर चले गए। केबिन को गर्म रखने के लिए उन्होंने मिट्टी के तेल वाली ‘पेट्रोमैक्स लालटेन’ जलाई और केबिन के शीशे पूरी तरह बंद करके सो गए।

खिड़की तोड़ने पर मिले बेहोश
काफी देर तक जब ट्रक में कोई हलचल नहीं हुई, तो वहां काम कर रहे अन्य श्रमिकों ने उन्हें आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर संदेह हुआ। इसके बाद ट्रक के केबिन की खिड़की का शीशा तोड़ा गया, जहां इरफान और इकरार अचेत अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तत्काल रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर का क्या है कहना?
अस्पताल की चिकित्सक डॉ. कृतिका ने बताया कि प्राथमिक जांच के आधार पर मौत का कारण दम घुटना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद जगह में लालटेन जलने से ऑक्सीजन कम हो गई होगी और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस भर गई होगी, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।