दुबई/तेल अवीव: ईरान में मौजूदा सत्ता के खिलाफ जनता में विद्रोह काफी तेज हो चुका है। देशव्यापी प्रदर्शनराजधानी तेहरान और देश के दूसरे बड़े शहरों में भी फैल गए। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 538 हो गई है। अमेरिका की एक मानवाधिकार संस्था ने यह जानकारी दी।
10 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के मुताबिक ईरान में चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 538 हो गई है। इस दौरान 10,670 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रदर्शन के मद्देनजर ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे प्रदर्शन का वास्तविक अनुमान लगाने में मुश्किल आ रही है।
ईरान के घटनाक्रम पर इजरायल की करीबी नजर
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान में व्यापक प्रदर्शनों के नतीजों पर उनका देश करीब से नजर रख रहा है। नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में कहा, ‘‘इजराइल के लोग और पूरी दुनिया ईरान के नागरिकों के असाधारण शौर्य से अभिभूत हैं।’’
नेतन्याहू ने ईरान के आम नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए उम्मीद जताई कि ईरान के अत्याचार से मुक्त होने के बाद इजरायल और ईरान के बीच संबंध फिर से मजबूत होंगे। इजराइल के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से ईरान सहित कई विषयों पर बातचीत की।

अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाएंगे : ईरान की चेतावनी
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो अमेरिकी सेना और इजरायल को वह निशाना बनाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी प्रदर्शनों को लेकर हमले की धमकी दी है। कट्टरपंथी नेता कालिबाफ ने यह धमकी तब दी, जब ईरान की संसद में सांसद अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए आसन के समीप पहुंच गए।
ईरान आजादी चाहता है-ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘ईरान आजादी चाहता है, जो शायद उसने पहले कभी नहीं देखी थी। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।’’ न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से शनिवार रात को बताया कि ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए सैन्य विकल्प दिए गए थे, लेकिन उन्होंने अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चेताया, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पैंतरेबाजी न करें। जब वह कुछ करने का वादा करते हैं, तो वह उसे पूरा करने का वादा करते हैं।’’
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने संसद सत्र का सीधा प्रसारण किया। कट्टरपंथी नेता कालिबाफ ने अपने संबोधन में पुलिस और ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड, विशेष रूप से उसके स्वयंसेवी बासिज की प्रदर्शनों के दौरान “दृढ़ता से खड़े रहने” के लिए तारीफ की। कालिबाफ ने कहा, “ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे सख्त तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार किए गए लोगों को दंडित करेंगे।” उन्होंने इजराइल और अमेरिका को चेताते हुए कहा, ‘‘ईरान पर हमले की स्थिति में, कब्जे वाले क्षेत्र और इस क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध लक्ष्य होंगे।’’