नशे के खिलाफ डीएम हुईं सख्त, नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, बोली- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
गौतमबुद्धनगर। जनपद में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री, तस्करी, ड्रंक एंड ड्राइव और अन्य नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा मुक्त जनपद के लक्ष्य को लेकर सभी विभागों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
नशा मुक्त जनपद को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय, पारदर्शिता और पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें। मादक पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, भंडारण और तस्करी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अनुपस्थित अधिकारियों पर नाराजगी, मांगी अनुपालन रिपोर्ट
बैठक में कुछ अधिकारियों और प्राधिकरणों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछली माह आयोजित बैठक की अनुपालन आख्या आज रात तक अनिवार्य रूप से लिखित रूप में प्रस्तुत की जाए। डीएम ने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
प्रवर्तन और अवेयरनेस अभियानों को और तेज करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनवरी माह में अवैध नशे और ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ चलाए गए अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट जिला आबकारी अधिकारी की ईमेल आईडी पर शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही जनवरी माह में की गई समस्त प्रवर्तन कार्रवाई की संकलित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आगामी दिनों में अभियान को और अधिक तेज करने पर जोर दिया।

युवाओं को जोड़कर चलेगा नशा मुक्ति अभियान
डीएम ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी और आकर्षक बनाने के लिए नए, सशक्त और प्रेरक स्लोगन के साथ जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर वाद-विवाद, चित्रकला, स्लोगन लेखन और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए।
इसके साथ ही स्कूलों के आसपास गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मेडिकल स्टोरों पर सख्त निगरानी के आदेश
जिला औषधि निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि सभी मेडिकल स्टोरों का सघन निरीक्षण किया जाए। बिना लाइसेंस नार्कोटिक्स दवाओं का भंडारण या बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आबकारी विभाग ने रखी रिपोर्ट
बैठक में आबकारी निरीक्षक आशीष पांडेय ने अवैध नशे के खिलाफ चलाए गए अभियानों, प्रवर्तन कार्रवाइयों और वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण, चेकिंग और प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार की जा रही है।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, प्रभारी/जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, एसीपी कल्पना गुप्ता, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ श्वेता खुराना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।