UP Board Exam 2026: इंटर प्रैक्टिकल परीक्षा की पूरी प्रक्रिया बदली, डबल अपलोड से लेकर जियो-फेंसिंग तक लागू हुए 3 बड़े बदलाव
रामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 को लेकर सख्त और पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी है। इस बार प्रयोगात्मक परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए अंक अपलोड से लेकर निगरानी तक की पूरी प्रक्रिया बदल दी गई है। जिले में इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू होकर 9 फरवरी तक चलेंगी।
जिले में हाईस्कूल के 25,518 और इंटरमीडिएट के 21,248 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। यूपी बोर्ड ने साफ कर दिया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा में अब किसी भी स्तर पर लापरवाही या घालमेल की गुंजाइश नहीं रहेगी।
अंकों की डबल एंट्री से रुकेगी गड़बड़ी
नई व्यवस्था के तहत इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक अब पोर्टल पर दो बार अपलोड किए जाएंगे। परीक्षक को मोबाइल एप के माध्यम से परीक्षा केंद्र पर ही ऑनलाइन अंक भरने होंगे। पहली बार अधिकतम 80 विद्यार्थियों के अंकों की तालिका भरने के बाद सिस्टम स्वतः दोबारा अंक अपलोड करने की विंडो खोलेगा। यदि दोनों प्रविष्टियों में कोई अंतर पाया जाता है तो सिस्टम उसे तुरंत दर्शाएगा और सुधार के बिना अंक स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
ऑनलाइन मूल्यांकन पूरी तरह लागू, ऑफलाइन व्यवस्था खत्म
पिछले वर्ष प्रायोगिक तौर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अंक मंगाए गए थे, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम के सफल रहने के बाद अब पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया को लागू कर दिया गया है। अब परीक्षक को परीक्षा के दौरान ही मोबाइल एप से लॉगिन कर अंक देने होंगे, जिससे बाद में किसी तरह की हेराफेरी संभव नहीं होगी।
जियो-फेंसिंग से होगी परीक्षकों की लोकेशन की पुष्टि
सुरक्षा के लिहाज से प्रैक्टिकल परीक्षा में जियो-फेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। परीक्षक जब मोबाइल एप से लॉगिन करेंगे, तो सिस्टम उनके वर्तमान भौगोलिक स्थान का मिलान पहले से दर्ज डाटा से करेगा। निर्धारित दायरे में होने पर ही परीक्षा और अंक अपलोड की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
CCTV और वॉयस रिकॉर्डिंग में होगी परीक्षा
प्रयोगात्मक परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर लगाए गए हैं। परीक्षा के दौरान की पूरी रिकॉर्डिंग को छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे जांच के लिए उपलब्ध कराया जा सके।
नकल रोकने के लिए सचल दल और कड़ी सुरक्षा
नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सचल दल लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश से पहले पूरी तरह चेक किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती रहेगी, जो शांति और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा।
घालमेल पर पूरी तरह लगेगी रोक: डीआईओएस
रामपुर की डीआईओएस अंजलि अग्रवाल ने बताया कि यूपी बोर्ड ने एप आधारित अंक प्रणाली लागू कर दी है, जिससे प्रयोगात्मक परीक्षा में किसी भी तरह का घालमेल संभव नहीं रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, डिजिटल मॉनिटरिंग और सख्त निर्देश लागू किए गए हैं।