बरेली से उत्तराखंड का सफर होगा आसान, 450 करोड़ के हाईवे प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार; जून तक शुरू होगा आवागमन
बरेली-सितारगंज हाईवे प्रोजेक्ट अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। एनएचएआइ के अधिकारियों के मुताबिक, बरेली-पीलीभीत पैकेज का 50 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है और जून माह तक सड़क पर आवागमन शुरू हो जाएगा। इस हाईवे के जरिए रुहेलखंड मुख्यालय सीधे उत्तराखंड से जुड़ जाएगा।
शुरुआती दौर में आई चुनौतियां
परियोजना की शुरुआत में कई अड़चनें सामने आई थीं। भूमि अधिग्रहण के समय घपले का खुलासा हुआ और महीनों जांच-पड़ताल चलती रही। राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के कई अधिकारी निलंबित किए गए। पांच स्थानों पर अतिक्रमण हटवाना और मार्ग में आने वाले पेड़ों को काटना भी छह महीने से अधिक समय ले गया, जिससे निर्माण की गति धीमी हो गई थी।
दो पैकेज में हाईवे का निर्माण
450 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में बरेली से पीलीभीत तक 32.50 किमी और पीलीभीत से सितारगंज तक 38 किमी हाईवे बनाया जा रहा है। निर्माण का जिम्मा आरसीएल बरेली हाईवे प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार और कर्मचारी उठा रहे हैं, जो दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। कस्बों के पास बाइपास निर्माण में अतिक्रमण की समस्या प्रशासन के सहयोग से दूर कराई गई, जिससे निर्माण गति बढ़ी।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का ध्यान
हाईवे पर बेसहारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दोनों तरफ दीवार बनवाने की तैयारी चल रही है। साथ ही डिजिटल डिस्प्ले और सुरक्षा कैमरों की स्थापना की जाएगी, जिससे सड़क सुरक्षा और भविष्य में दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण आसान होगा।
पहले पैकेज की समय पर पूरी योजना
पहले पैकेज (बरेली-पीलीभीत) के निर्माण को जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एनएचएआइ लगातार गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है। दूसरे पैकेज (पीलीभीत-सितारगंज) में काम थोड़ी देरी से शुरू हुआ था, इसलिए इसे पूरा होने में और समय लगेगा।
- नवरत्न, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ