विवाद के बीच कैपजेमिनी का बड़ा फैसला, US सब्सिडियरी कैपजेमिनी गवर्नमेंट सॉल्यूशंस को तुरंत बेचने का ऐलान
फ्रांस की दिग्गज टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग कंपनी कैपजेमिनी ने अपनी US-बेस्ड सब्सिडियरी कैपजेमिनी गवर्नमेंट सॉल्यूशंस (CGS) को बेचने का ऐलान कर दिया है। कंपनी के मुताबिक यह डाइवेस्टमेंट प्रोसेस तत्काल प्रभाव से शुरू किया जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब CGS के अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE के साथ जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद और जांच तेज हो गई है।
ICE कॉन्ट्रैक्ट्स के बाद बढ़ा दबाव
रविवार, 1 फरवरी 2026 को घोषित इस फैसले को US इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के साथ CGS के कॉन्ट्रैक्ट्स से जोड़कर देखा जा रहा है। खास तौर पर लोगों को ट्रैक करने और उनकी पहचान से जुड़ी सर्विसेज़ को लेकर सब्सिडियरी को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। हालांकि, कैपजेमिनी ने आधिकारिक तौर पर इस बिक्री को सीधे ICE विवाद से नहीं जोड़ा है।
कानूनी पाबंदियों का दिया हवाला
कंपनी के बयान में कहा गया है कि अमेरिका में क्लासिफाइड एक्टिविटीज़ से जुड़ी फेडरल संस्थाओं के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने पर लगने वाली कानूनी पाबंदियों के चलते ग्रुप को सब्सिडियरी के कुछ ऑपरेशनल पहलुओं पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं मिल पा रहा था। कैपजेमिनी के अनुसार, इससे ग्रुप के मूल उद्देश्यों और एथिकल फ्रेमवर्क के साथ तालमेल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
$4.8 मिलियन का विवादित कॉन्ट्रैक्ट भी चर्चा में
कैपजेमिनी गवर्नमेंट सॉल्यूशंस मुख्य रूप से अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को IT और कंसल्टिंग सेवाएं प्रदान करती है। इसके ICE के साथ कई सक्रिय कॉन्ट्रैक्ट्स हैं, जिनमें “स्किप ट्रेसिंग सर्विस” से जुड़ा एक प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है। सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू 4.8 मिलियन डॉलर से अधिक है और यह मार्च 2026 तक वैध है। मौजूदा अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों के खिलाफ चल रहे अंतरराष्ट्रीय विरोध प्रदर्शनों के बीच यह मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील बन गया।
फ्रांस में भी उठा राजनीतिक और सामाजिक सवाल
इस मामले को लेकर कैपजेमिनी पर फ्रांसीसी सांसदों, सरकारी अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों का भी दबाव बढ़ा था। फ्रांसीसी संसद में कंपनी की भूमिका पर सवाल उठाए गए और ट्रांसपेरेंसी व एथिकल अलाइनमेंट की मांग तेज हुई। माना जा रहा है कि इसी बढ़ते दबाव ने कंपनी को यह रणनीतिक कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
वित्तीय असर बेहद सीमित
कैपजेमिनी ने साफ किया है कि इस डाइवेस्टमेंट का कंपनी की वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। CGS का योगदान 2025 में कंपनी के अनुमानित ग्लोबल रेवेन्यू का सिर्फ 0.4 फीसदी और US रेवेन्यू का 2 फीसदी से भी कम है। कंपनी इसे बड़े रीस्ट्रक्चरिंग के बजाय एक रणनीतिक समायोजन बता रही है।
मुख्य बिज़नेस पर फोकस बढ़ाने की रणनीति
करीब 50 देशों में ऑपरेशन करने वाली कैपजेमिनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड, AI और कंसल्टिंग सेवाओं में अपनी मजबूत मौजूदगी के लिए जानी जाती है। CGS की बिक्री के बाद कंपनी का फोकस US फेडरल क्लासिफाइड कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ी गवर्नेंस चिंताओं से हटकर अपने कोर कमर्शियल और नॉन-क्लासिफाइड बिज़नेस पर ज्यादा रहने की उम्मीद है।
खरीदार और टाइमलाइन पर सस्पेंस बरकरार
फिलहाल कैपजेमिनी ने न तो किसी संभावित खरीदार का नाम बताया है और न ही बिक्री की समय-सीमा साझा की है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि CGS के पास मौजूद फेडरल कॉन्ट्रैक्ट्स के पोर्टफोलियो को देखते हुए अमेरिकी सरकारी कॉन्ट्रैक्टिंग में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनियां इसमें दिलचस्पी दिखा सकती हैं।