‘सॉरी मम्मी…लव यू’, नोएडा की हाईराइज सोसायटी से 12वीं के छात्र ने लगाई छलांग, पढ़ाई में था मेधावी

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नोएडा। एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के सेक्टर-168 स्थित सनवर्ल्ड अरिस्टा सोसायटी में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 12वीं कक्षा के एक छात्र ने सोसायटी के टावर से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को छात्र के मोबाइल फोन के नोटपैड में लिखा संदेश मिला है, जिसमें उसने “सॉरी मम्मी” और “लव यू मम्मी” लिखा था। प्रारंभिक जांच में पढ़ाई से जुड़े तनाव को घटना का कारण माना जा रहा है।

घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर रविवार को शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

32वीं मंजिल से कूदने की आशंका, छत पर मिला बैग

पुलिस के मुताबिक, छात्र की पहचान आर्यन के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ सोसायटी की 10वीं मंजिल पर रहता था। आर्यन दिल्ली के साकेत स्थित एम ब्लॉक में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। शनिवार को उसका स्कूल में प्रैक्टिकल एग्जाम था, जिसे देकर वह दोपहर करीब एक बजे सोसायटी लौटा।

बताया गया कि वह अपने टावर में जाने के बजाय टावर नंबर-10 में गया। सीसीटीवी फुटेज में वह लिफ्ट से ऊपर की मंजिल की ओर जाते हुए हाथ से विक्ट्री साइन बनाता नजर आया। इसके बाद उसने ऊंचाई से छलांग लगा दी। बाद में बहुमंजिला इमारत की छत से उसका बैग बरामद हुआ, जिससे 32वीं मंजिल से कूदने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर पहुंची मां, अस्पताल में घोषित किया मृत

घटना की सूचना मिलते ही आर्यन की मां मौके पर पहुंचीं और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आर्यन के पिता ऋषि, जो कारोबार के सिलसिले में जर्मनी गए हुए थे, सूचना मिलने पर रविवार को नोएडा पहुंचे।

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि मौके पर फील्ड यूनिट बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र कुछ समय से तनाव में था। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पढ़ाई में था मेधावी, कुछ दिनों से परेशान

स्थानीय लोगों के अनुसार, आर्यन के पिता एक्सपोर्ट कारोबारी हैं। परिवार में उसकी एक बड़ी बहन भी है, जो मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। पुलिस को परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि आर्यन पढ़ाई में मेधावी था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर मानसिक दबाव में था।

तनाव की अनदेखी न करें, समय पर लें परामर्श

मनोचिकित्सक डॉ. संजीव त्यागी के अनुसार, माता-पिता की अपेक्षाओं और बच्चों के प्रदर्शन के बीच अंतर होने पर तनाव बढ़ सकता है। बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक आते ही यह दबाव और गहरा हो जाता है। भावनात्मक रूप से कमजोर बच्चे गलत कदम उठा सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि परिवार के भीतर खुलकर संवाद हो, जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग या विशेषज्ञ की मदद ली जाए।

 

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