शिक्षा में Apple Ecosystem की बढ़ती भूमिका
सेमिनार को संबोधित करते हुए श्री हितेश शाह ने बताया कि किस तरह Apple Authorized Training Center (AATC) और iOS लैब छात्रों के स्किल डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कोडिंग, ऐप डेवलपमेंट और लेटेस्ट सॉफ्टवेयर टूल्स की समझ छात्रों के लिए अनिवार्य होती जा रही है। Apple Ecosystem छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में कारगर साबित हो सकता है।
टी.एस. मिश्रा यूनिवर्सिटी की सक्रिय सहभागिता
इस महत्वपूर्ण सेमिनार में T.S. Mishra University के प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विश्वविद्यालय की ओर से निदेशक (ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं प्रवेश) श्री दीपक कुमार शाही, सहायक निदेशक (मार्केटिंग एवं प्रवेश) श्री अभिषेक प्रताप सिंह और प्रबंधक (मार्केटिंग एवं प्रवेश) सुश्री सोनम मिश्रा उपस्थित रहीं। प्रतिनिधियों ने Apple की तकनीक को कैंपस में लागू करने और छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
छात्रों को ग्लोबल लेवल पर तैयार करने की रणनीति
टी.एस. मिश्रा यूनिवर्सिटी के निदेशक श्री दीपक कुमार शाही ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को उद्योग जगत की मौजूदा और भविष्य की मांगों के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि Apple की अत्याधुनिक तकनीक और लैब सेटअप से छात्र न केवल नई तकनीकों को सीखेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में भी सक्षम बनेंगे।
शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच मजबूत सेतु
सेमिनार के दौरान शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच तालमेल को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इस मौके पर शशांक राज श्रीवास्तव और रितेश शर्मा समेत शिक्षा एवं तकनीक जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने माना कि तकनीक आधारित शिक्षा ही आने वाले समय में छात्रों को बेहतर करियर और वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी।