नोएडा में Aqua Line मेट्रो विस्तार को मंजूरी, 2 लाख यात्रियों को राहत; बॉटेनिकल गार्डन बनेगा मेगा इंटरचेंज हब
नोएडा। शहर और आसपास के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन की एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद रोजाना करीब दो लाख यात्रियों को सीधा फायदा मिलने का अनुमान है। फिलहाल इस लाइन पर लगभग 75 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं, लेकिन ब्लू लाइन से सीधी कनेक्टिविटी न होने के कारण यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ती है।
400 मीटर पैदल चलने की मजबूरी होगी खत्म
अभी एक्वा लाइन का सेक्टर-51 स्टेशन, सेक्टर-52 स्थित दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के ब्लू लाइन स्टेशन से जुड़ा है, लेकिन यात्रियों को इंटरचेंज के लिए करीब 400 मीटर पैदल चलना पड़ता है। विस्तार परियोजना के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और सीधा कनेक्शन मिल सकेगा।
डीपीआर पर केंद्र का विचार, बॉटेनिकल गार्डन बनेगा मुख्य जंक्शन
एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश के अनुसार परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास विचाराधीन थी। रूट चालू होने के बाद बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो नेटवर्क का सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा।
ब्लू और मैजेंटा लाइन से मजबूत कनेक्टिविटी
यह स्टेशन दिल्ली के द्वारका से सेक्टर-62 तक चलने वाली ब्लू लाइन और बॉटेनिकल गार्डन से जनकपुरी जाने वाली मैजेंटा लाइन से जुड़ा है। मौजूदा समय में ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच एक्वा लाइन ही मुख्य मेट्रो कनेक्शन है, जो सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा डिपो तक करीब 29.707 किमी लंबी है।
नया प्लेटफॉर्म और अलग ट्रैक की तैयारी
डीपीआर के मुताबिक लिंक लाइन के लिए बॉटेनिकल गार्डन पर नया प्लेटफॉर्म या सेक्शन बनाया जाएगा। यह एक्वा लाइन का हिस्सा होगा, इसलिए इसका ट्रैक डीएमआरसी के ट्रैक से अलग रहेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रवेश-निकास और अलग टोकन काउंटर भी यहीं बनाए जाने की योजना है।
ट्रैफिक कम, पर्यावरण को फायदा
परियोजना चालू होने पर निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा समय बचेगा। साथ ही सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और वाहनों की संख्या घटने से कार्बन उत्सर्जन कम होने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और नए स्टेशनों के आसपास निवेश के अवसर भी पैदा होंगे।