पंजाब में राहुल गांधी की चार बड़ी रैलियों की तैयारी, मनरेगा नाम बदलाव मुद्दे पर केंद्र को घेरने की रणनीति
चंडीगढ़ में सोमवार को हुई कांग्रेस की अहम बैठक में पार्टी ने उत्तर भारत की राजनीति को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार किया। बैठक में मौजूद प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में देशभर में चार रैलियां करेंगे, जिनमें उत्तर भारत के लिए पंजाब को चुना गया है।
तारीख और स्थान तय करने की जिम्मेदारी प्रदेश इकाई को
बैठक में तय किया गया कि रैली के स्थान और तारीख तय करने का अधिकार पंजाब कांग्रेस को दिया जाएगा। कार्यक्रम फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के दूसरे सप्ताह में आयोजित हो सकता है। बैठक में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सुझाव दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में सांसदों को टिकट न दिया जाए।
संगठन मजबूत करने पर रहा सबसे ज्यादा जोर
बैठक के दौरान संगठनात्मक मजबूती पर विशेष चर्चा हुई। 2022 विधानसभा चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों के साथ संवाद में भी यही बात सामने आई कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए रणनीतिक बदलाव जरूरी हैं। वड़िंग ने हरियाणा मॉडल का हवाला देते हुए कहा कि वहां की तरह पंजाब में भी सांसदों को विधानसभा टिकट नहीं दिया जाना चाहिए।
राजनीतिक समीकरणों में ‘मास्टर स्ट्रोक’ की चर्चा
राजनीतिक हलकों में इस सुझाव को बड़ा दांव माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर यह फार्मूला लागू होता है तो प्रताप सिंह बाजवा को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है, क्योंकि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल अधिकांश नेता फिलहाल सांसद हैं। वरिष्ठता के आधार पर बाजवा की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
डिनर डिप्लोमेसी से बढ़ी सियासी हलचल
बैठक के बाद बाजवा ने अपने आवास पर पार्टी नेताओं के लिए डिनर का आयोजन किया, जिसे राजनीतिक हलकों में डिनर डिप्लोमेसी के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस में पहले इस तरह की पहल अक्सर कैप्टन अमरिंदर सिंह किया करते थे, जिससे राजनीतिक संदेश देने की परंपरा जुड़ी रही है।