बाबूलाल मरांडी का बड़ा आरोप: झारखंड में बालू माफिया बेलगाम, ईडी जांच की मांग; बोले- लूट के खिलाफ व्यापक आंदोलन जरूरी
रांची से सियासी बयानबाजी के बीच अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में बालू के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय से मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
सोमवार को जारी एक प्रेस वक्तव्य में मरांडी ने कहा कि राज्य में बालू की लूट और अवैध कारोबार के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन की आवश्यकता है। उनके मुताबिक बालू का अवैध खनन और कालाबाजारी अब एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक संकट का रूप ले चुका है।
कीमतें आसमान पर, नदियों का बदल रहा स्वरूप
मरांडी ने आरोप लगाया कि अवैध खनन और कालाबाजारी के कारण बालू की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि नदियों से कुछ ही किलोमीटर दूर पहुंचते-पहुंचते बालू की कीमत कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस अवैध दोहन के चलते नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है और भू-क्षरण की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है।
मुनाफा माफिया और अधिकारियों तक पहुंचने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार से होने वाला मुनाफा बिचौलियों और माफियाओं के साथ-साथ डीसी और एसपी तक की जेब में जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्थर के अवैध कारोबार में पहले केंद्रीकृत वसूली 50 से 60 प्रतिशत तक होती थी, जिसे अब बढ़ाकर 75 प्रतिशत से अधिक कर दिया गया है।
मरांडी ने कहा कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आम लोगों की जेब पर और गंभीर रूप से पड़ेगा। उन्होंने ईडी से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग दोहराई।