गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत मामले में बड़ा विवाद: जमीन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप, ग्रामीणों में आक्रोश
बिलासपुर/ग्रेटर नोएडा। दलेलगढ़ मंदिर के पास सरकारी जमीन पर बने गड्ढे में डूबकर तीन वर्षीय देवांश की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। हादसे के बाद जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों के दावों से किसानों को गलत तरीके से दोषी ठहराने की कोशिश की जा रही है, जिससे गांव में भारी नाराजगी है।
जमीन पर मालिकाना हक को लेकर टकराव
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि हादसा जिस जमीन पर हुआ, वह नौबत गंगाराम और धर्मवीर की निजी जमीन है। वहीं संबंधित किसान का दावा है कि उसकी जमीन खाता संख्या 373क है और उस पर उसका कब्जा है, जहां गेहूं की बुवाई भी की गई है। किसान का कहना है कि नवीन पर्ती खाता संख्या 373 सरकारी जमीन है और उसी पर घटना हुई, इसलिए उस पर दोष मढ़ना गलत है।
ग्रामीणों की बैठक, प्रशासन पर सवाल
घटना के बाद किसानों और ग्रामीणों ने बैठक कर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी जिम्मेदार लोगों को बचाने के लिए शासन-प्रशासन को गलत रिपोर्ट भेज सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
जिम्मेदारी से बचने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार प्राधिकरण जमीन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर डाल रहा है, जबकि प्रशासन प्राधिकरण पर। खाता संख्या 373 और 373क के खसरा-खतौनी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी गलत रिपोर्ट तैयार कर मामले में शासन को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें डर है कि कहीं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज न कर दी जाए।