पंचकूला से बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2026 की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम लागू कर दिया है। अब पारंपरिक पेन-पेपर के बजाय कॉपियों की जांच डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत हरियाणा और हिमाचल प्रदेश क्षेत्र की 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं पहले विशेष स्कैनिंग केंद्रों पर भेजी जाएंगी। वहां से उन्हें डिजिटल फॉर्मेट में परिवर्तित कर अधिकृत शिक्षकों को ऑनलाइन जांच के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले स्कैनिंग, फिर डिजिटल मूल्यांकन
बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा समाप्त होने के बाद विभिन्न परीक्षा केंद्रों से उत्तर पुस्तिकाएं निर्धारित स्कैनिंग केंद्रों पर पहुंचेंगी। यहां उच्च गुणवत्ता वाले स्कैनर की मदद से प्रत्येक पृष्ठ को स्कैन किया जाएगा और सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।
इसके बाद संबंधित विषयों के अधिकृत परीक्षक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन कर कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित होगी, जिससे जांच कार्य अधिक व्यवस्थित और निगरानी योग्य बन सकेगा।
पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध परिणाम पर जोर
सीबीएसई अधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से मानव त्रुटि की संभावना कम होगी और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
डिजिटल सिस्टम लागू होने से कॉपियों की सुरक्षा, ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग भी बेहतर ढंग से की जा सकेगी। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों को समय पर और निष्पक्ष परिणाम उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।