आजकल बच्चे हों या बड़े, हर घर में जंक फूड ने अपनी जगह बना ली है। शाम की हल्की भूख मिटाने के चक्कर में हम अनजाने में ऐसी चीजें खा लेते हैं, जो लिवर और आंतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आधुनिक जीवनशैली में इंस्टेंट फूड की आदत बढ़ गई है, लेकिन ये झटपट खुशी लंबी बीमारी का कारण बन सकती है। गर्मी की शुरुआत में यह समस्या और बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कैसे आप अपनी आदतें बदलकर स्वस्थ रह सकते हैं।
कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय नींबू पानी
गर्मियों में लोग प्यास बुझाने के लिए सोडा या डिब्बाबंद जूस का सेवन करते हैं। ये पेय पदार्थ लिवर और पाचन तंत्र के लिए हानिकारक हैं। इसके बजाय नींबू पानी या शिकंजी का सेवन करें। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और विटामिन-सी से त्वचा को प्राकृतिक निखार देता है।
पिज्जा-बर्गर का देसी विकल्प
मैदे से बने पिज्जा और बर्गर कब्ज और मोटापे का कारण बनते हैं। बच्चों की इस क्रेविंग को ढोकला, सूजी की इडली या सब्जियों से भरे उत्तपम से शांत किया जा सकता है। ये पचने में आसान और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
चीनी के मीठे की जगह फल
बाजार की मिठाइयों और आइसक्रीम में प्रोसेस्ड शुगर होती है, जो मधुमेह और शरीर में सूजन बढ़ाती है। मीठे की तलब होने पर मौसमी फलों का सेवन करें। खजूर, सेब या पपीता शुगर क्रेविंग को नियंत्रित करते हैं और शरीर को एंटीऑक्सीडेंट्स भी प्रदान करते हैं।
चिप्स की जगह रोस्टेड स्नैक्स
सॉल्टेड चिप्स में अत्यधिक नमक और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हानिकारक हैं। इन्हें रोस्टेड मखाने, मूंगफली या भुने चने से बदलें। नींबू और चाट मसाला मिलाकर यह बाजार के चिप्स से भी स्वादिष्ट बन जाते हैं।
प्रोसेस्ड मीट के बजाय दालें
अगर आप मांसाहारी हैं और प्रोसेस्ड मीट का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाएं। राजमा, बीन्स, चना और अन्य दालें प्रोटीन और आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं। ये ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियों से बचाव भी करती हैं।
स्वाद के कुछ मिनट आपकी सेहत को सालों तक प्रभावित कर सकते हैं। आज ही अपने किचन से ये हानिकारक स्नैक्स हटाएं और प्राकृतिक, हेल्दी विकल्पों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।