नई दिल्ली : देश में शहरी परिवहन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की तैयारी है। भारत की पहली स्वदेशी एयर टैक्सी विकसित (Indigenously Developed Air Taxi) करने वाली कंपनी The ePlane Company ने दावा किया है कि परियोजना अंतिम चरण में है और 2028 तक चुनिंदा शहरों में सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी के मुताबिक, एयर टैक्सी में एक पायलट और दो यात्री—कुल तीन लोग बैठ सकेंगे। यह सेवा एक ही शहर के भीतर छोटी दूरी की तेज यात्रा के लिए डिजाइन की गई है, ठीक उसी तरह जैसे आज ऑटो या कैब काम करते हैं, लेकिन आसमान के रास्ते।
एयर टैक्सी पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की जा रही है। इसका प्रारंभिक छोटा प्रोटोटाइप 2021 में तैयार किया गया था, जिसने परीक्षण के दौरान लगभग 9000 किलोमीटर की उड़ान पूरी की। कंपनी 2019 से IIT Madras के साथ मिलकर इस परियोजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, सेवा की शुरुआत अहमदाबाद, चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु से की जाएगी। बाद में अन्य महानगरों में विस्तार किया जाएगा। फिलहाल किराया और बुकिंग प्रक्रिया पर काम जारी है।
डीजीसीए के साथ औपचारिकताएं
परियोजना को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब शेष तकनीकी और नियामकीय औपचारिकताएं नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के साथ पूरी की जा रही हैं। कंपनी के अनुसार, मौजूदा हेलीपैड का उपयोग शुरुआती चरण में किया जाएगा, और मांग बढ़ने पर नए वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। कंपनी एयर टैक्सी के साथ-साथ एयर एंबुलेंस सेवा विकसित करने पर भी काम कर रही है। उद्देश्य है कि ट्रैफिक जाम से जूझते शहरों में आपातकालीन मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा सके।
अगर योजना तय समय पर पूरी होती है, तो ऑफिस, स्कूल या अस्पताल तक पहुंचने का तरीका बदल सकता है। हालांकि, व्यापक स्तर पर संचालन से पहले सुरक्षा परीक्षण, वायु-क्षेत्र प्रबंधन, किराया निर्धारण और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे कई चरण बाकी हैं भारत की पहली एयर टैक्सी परियोजना शहरी गतिशीलता के नए दौर की ओर इशारा करती है। 2028 तक इसकी व्यावसायिक उड़ान शुरू होने पर शहरों में “आसमान का रास्ता” हकीकत बन सकता है।