अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का युद्ध आज सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहे ईरान ने इज़राइल पर भी बम बरसाना जारी रखा है। इन हमलों के जवाब में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई हिस्सों में व्यापक एयर स्ट्राइक की है, जिससे तेहरान और अन्य शहरों में भारी तबाही हुई है। अब तक की जानकारी के मुताबिक इन हमलों में 1400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरान पर हमलों के बीच एक संवाददाता ने सवाल किया कि क्या रूस और चीन इस युद्ध में ईरान की मदद कर रहे हैं। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि रूस और चीन हमेशा से उनकी मदद करते रहे हैं। जब रिपोर्टर ने स्पष्ट जवाब मांगा, तो अराघची ने कहा कि “मैं युद्ध के बीच में डिटेल नहीं देने जा रहा हूं।”
ईरान पर हमले और तेज
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर एयर स्ट्राइक और भी तेज कर दी है। तेहरान के अलावा सनंदज, बुकान, बुशहर और कजविन शहरों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान के मिलिट्री बेस, मिसाइल लॉन्चिंग साइट्स और मिसाइल डिपो पर बम गिराए। इन हमलों से ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को भारी नुकसान हुआ है। तेहरान में IRGC के ठिकानों पर B-2 और B-52 बॉम्बर से दो-दो हजार पाउंड के बम गिराए गए। तेहरान का सबसे बड़ा फुटबॉल स्टेडियम भी हवाई हमलों का शिकार हुआ। सनंदज में IRIB बिल्डिंग और रेडियो-टीवी स्टेशन ध्वस्त किए गए, जबकि यज्द में IRGC की बैलिस्टिक मिसाइल साइट को निशाना बनाया गया।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी तनावपूर्ण स्थिति
ईरान के सीमावर्ती इलाकों में भी अमेरिकी फोर्सेज ने बमबारी की है। इन क्षेत्रों में मुख्यतः कुर्द आबादी रहती है। बॉर्डर पोस्ट और पुलिस चौकियां तबाह हो गई हैं, जिससे ईरान की सीमावर्ती पकड़ कमजोर हुई है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर कुर्द लड़ाके इन इलाकों में घुसते हैं, तो ईरान के खिलाफ जमीनी लड़ाई का मोर्चा खुल सकता है। अमेरिकी स्ट्राइक्स के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईरान के ऊर्जा मंत्री ने पुष्टि की कि हमलों से संकट बढ़ा है, लेकिन ईरान हर परिस्थिति से निपटने को तैयार है।
व्हाइट हाउस का दावा
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलाइन लैविट ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की 73 प्रतिशत ड्रोन क्षमता और 86 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता खत्म कर दी है। उनका कहना है कि ईरान अमेरिका से बातचीत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका कोई सीक्रेट नेगोशिएशन नहीं कर रहा है। अमेरिकी फौज के हमले लगातार जारी रहेंगे।