पटना। होली के बाद कामकाज के लिए बड़े शहरों की ओर लौट रहे यात्रियों की भारी भीड़ के कारण बिहार से चलने वाली कई ट्रेनों में हालात बेहद कठिन हो गए हैं। रविवार को पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पाटलिपुत्र जंक्शन और दानापुर स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्मों पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे और कई ट्रेनों में यात्रियों की क्षमता से कहीं अधिक भीड़ दिखाई दी।
सबसे ज्यादा दबाव दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, सिकंदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली ट्रेनों में देखने को मिला। लंबी दूरी की गाड़ियों के सामान्य डिब्बों में स्थिति सबसे अधिक खराब रही, जहां यात्रियों को खड़े होकर सफर करने तक की जगह मुश्किल से मिल पा रही थी।
भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई ट्रेनों में यात्रियों को शौचालय तक में बैठकर यात्रा करनी पड़ी। डिब्बों में इतनी भीड़ थी कि लोगों को किसी तरह दरवाजे और गलियारों में जगह बनाकर सफर करना पड़ा।
विक्रमशिला एक्सप्रेस में सबसे ज्यादा भीड़
भागलपुर से आनंद विहार जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई गई। यात्रियों के मुताबिक डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई यात्रियों ने बताया कि सीट तो दूर खड़े रहने की भी जगह नहीं मिल रही थी और लोग मजबूरी में शौचालय के पास खड़े होकर या वहीं बैठकर यात्रा कर रहे थे।
पटना जंक्शन पहुंचने पर भी इस ट्रेन में भीड़ का यही हाल बना रहा और यात्री किसी तरह ट्रेन में जगह बनाकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए रेलवे की विशेष व्यवस्था
यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल ने प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त व्यवस्था की। पटना जंक्शन सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ के जवानों ने यात्रियों को कतार में लगाकर ट्रेन में प्रवेश कराया ताकि किसी तरह की भगदड़ की स्थिति न बने।
प्लेटफार्मों पर लगातार निगरानी भी रखी गई। हालांकि कुछ दिल्ली जाने वाली विशेष ट्रेनों में सामान्य ट्रेनों की तुलना में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई, जबकि नियमित गाड़ियों के सामान्य डिब्बों में यात्रियों की संख्या लगातार अधिक बनी रही।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार होली के बाद कुछ दिनों तक ट्रेनों में इसी तरह यात्रियों की भीड़ बनी रहने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी जारी रखी गई है।