Gold Price Crash: 12 दिनों में चांदी ₹43,000 और सोना ₹12,000 तक सस्ता, युद्ध के बीच क्यों गिर रही कीमतें?
नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ते युद्ध जैसे हालात, शेयर बाजार में भारी गिरावट और कच्चे तेल की महंगी कीमतों के बीच एक हैरान करने वाला ट्रेंड सामने आया है। आमतौर पर वैश्विक संकट के समय सोने की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है।
शेयर बाजार के नुकसान की भरपाई के लिए बिक रहा सोना
सोने की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह शेयर बाजार में भारी नुकसान को माना जा रहा है। इक्विटी बाजार में तेज गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा घाटा हुआ है, जिससे नकदी की कमी पैदा हो गई है। ऐसे में निवेशक अपने पास मौजूद सोने को बेचकर नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं।
जब बाजार में बड़े स्तर पर सोने की बिकवाली होती है, तो आपूर्ति बढ़ जाती है और मांग कम हो जाती है। इसी वजह से कीमतों पर दबाव बनता है और सोना सस्ता होने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में निवेशक मुनाफा बुक करने और नकदी जुटाने के लिए सोना बेच रहे हैं।
सिर्फ 12 दिनों में सोना ₹12,000 तक टूटा
कीमतों में आई गिरावट के आंकड़े भी काफी चौंकाने वाले हैं। मार्च की शुरुआत में वायदा बाजार में सोना करीब 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया था। लेकिन महज 12 दिनों के भीतर इसमें 12 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट आ गई। शुक्रवार तक सोना गिरकर करीब 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया।
चांदी में गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली है। 2 मार्च को करीब 2.97 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक रही चांदी अब गिरकर करीब 2.54 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। यानी चांदी में निवेश करने वालों को 12 दिनों के भीतर प्रति किलो लगभग 43 हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है।
वैश्विक बाजारों में भी दबाव
केवल भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतें 1 से 4 प्रतिशत तक गिरकर बंद हुईं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक शेयर बाजारों में स्थिरता नहीं आती और निवेशकों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल बाजार में घबराहट के चलते बिकवाली का माहौल बना हुआ है और निवेशकों के लिए नकदी बचाना प्राथमिकता बन गया है।