होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा वैश्विक तनाव: चीन ने ट्रंप की अपील ठुकराई, ईरान युद्ध के बीच बदला शक्ति संतुलन

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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर असर और गहराता नजर आ रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील को चीन ने नजरअंदाज कर दिया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में सहयोग मांगा गया था। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। उधर, अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किया गया ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।

ईरान के हमलों से तेल आपूर्ति प्रभावित, कीमतों में उछाल

जानकारी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। वहीं, अमेरिका के कई सहयोगी देशों ने इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने के लिए सैन्य सहयोग देने से इनकार कर दिया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।

चीन के लिए रणनीतिक अवसर, अमेरिका पर दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में चीन इस स्थिति का रणनीतिक फायदा उठा सकता है। अमेरिका का ध्यान मिडिल ईस्ट में उलझा होने के कारण उसकी वैश्विक रणनीति पर असर पड़ सकता है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के सीनियर रिसर्चर अली वाइन के मुताबिक, यह स्थिति अमेरिका के लिए उलटी पड़ती नजर आ रही है और उसे अपने प्रमुख रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी से ही मदद मांगनी पड़ रही है।

बीजिंग का सतर्क रुख, सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील

चीन के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है, लेकिन सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने, तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अपील जरूर दोहराई है। ट्रंप की प्रस्तावित बीजिंग यात्रा, जो 31 मार्च को होने वाली थी, अब टाल दी गई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने की बात कही जा रही है।

ईरान को चीन की मानवीय मदद, कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी

इस बीच चीन ने मानवीय आधार पर ईरान की मदद भी की है। रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट के जरिए 2 लाख डॉलर की आपात सहायता भेजी गई, जो मिनाब में स्कूल पर हुए हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए दी गई है। साथ ही, चीन मिडिल ईस्ट के देशों के साथ बातचीत कर क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों में भी सक्रिय नजर आ रहा है।

लंबा खिंचता युद्ध अमेरिका के लिए चुनौती

विश्लेषकों का कहना है कि जैसे-जैसे यह संघर्ष लंबा खिंचेगा, अमेरिका के लिए चुनौतियां बढ़ती जाएंगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा हालात में चीन को कूटनीतिक बढ़त मिल रही है, जबकि अमेरिका मिडिल ईस्ट में उलझकर खुद को कमजोर स्थिति में ला रहा है।

 

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