देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गुरुवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद शेयर शुरुआती कारोबार में एक साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बोर्ड और प्रबंधन के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं होती, शेयर पर दबाव बना रह सकता है।
शेयर बाजार में हलचल
एचडीएफसी बैंक के शेयर शुरुआती कारोबार में 8.6 प्रतिशत गिरकर 770 रुपये के स्तर पर आ गए। सुबह 9:30 बजे तक लगभग 5.28 करोड़ शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई, जिसकी कुल कीमत 4,200 करोड़ रुपये से अधिक थी। इसी दौरान निफ्टी 50 में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.5 प्रतिशत नीचे गया। पिछले एक महीने में बैंक का शेयर 8 प्रतिशत गिर चुका है और साल 2026 में अब तक इसमें 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बैंक प्रबंधन की प्रतिक्रिया
बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने कहा कि हर संस्था में छोटे-बड़े मुद्दे होते हैं, लेकिन उन्हें सुलझा लिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी तरह का शक्ति संघर्ष नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर बैंक की स्थिति की जांच करता रहा है और स्थिति पूरी तरह ठीक है। इसी बीच केकी मिस्त्री ने भी कहा कि इस्तीफा किसी नियम या कामकाज से जुड़ी चिंता की वजह से हुआ है और बैंक से कोई गंभीर मुद्दा नहीं है।
निवेशकों के लिए सलाह और विश्लेषण
जेपी मॉर्गन का मानना है कि अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे में ‘वैल्यूज और नैतिकता के असंतुलन’ का हवाला देने के कारण बोर्ड और प्रबंधन के बीच तालमेल को लेकर चिंता बढ़ी है। ब्रोकरेज ने कहा कि जबकि किसी गलत काम का आरोप नहीं है, नकारात्मक धारणा तब तक शेयर पर दबाव डाल सकती है, जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। जेपी मॉर्गन ने एचडीएफसी बैंक पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग देते हुए टारगेट प्राइस 1,090 रुपये रखा है।
इसी तरह की राय साझा करते हुए एक घरेलू ब्रोकरेज के एनालिस्ट ने कहा कि नए निवेशकों को तब तक इस शेयर से दूरी बनाए रखनी चाहिए, जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट ने कहा कि आने वाले दिनों में शेयर और नीचे जा सकता है, लेकिन लंबे समय के लिए यह निवेश अभी भी मजबूत है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन निवेशकों के पास निवेश के लिए पैसा है, वे इस गिरावट में धीरे-धीरे खरीदारी कर औसत कम कर सकते हैं और लंबी अवधि के नजरिए से इसे बनाए रखें।