नवरात्र के दौरान व्रत में खाया जाने वाला कुट्टू का आटा इस बार कई लोगों के लिए मुसीबत बन गया। उत्तर प्रदेश के बागपत और बिजनौर जिलों में कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाने के बाद एक अपर जिलाधिकारी समेत करीब 50 लोग बीमार पड़ गए। उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत के बाद सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
बागपत में एडीएम समेत कई लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती
बागपत जिले में कुट्टू के आटे से बना फलाहार खाने के बाद अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शिव नारायण सिंह समेत डेढ़ दर्जन से अधिक लोग अचानक बीमार हो गए। सभी को जिला संयुक्त अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौत में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार शाम एडीएम, उनके सहायक सतीश कश्यप और अन्य लोगों ने कुट्टू के आटे से बने व्यंजन का सेवन किया था। कुछ ही देर में उन्हें उल्टी, घबराहट और अन्य समस्याएं शुरू हो गईं, जिसके बाद आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
एक ही परिवार के नौ सदस्य समेत कई गांवों के लोग प्रभावित
इस घटना का असर केवल अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रहा। कासिमपुर खेड़ी गांव के एक ही परिवार के नौ सदस्य, मलकपुर गांव के छह लोग और बावली गांव के दो लोग भी इसी तरह के लक्षणों से पीड़ित पाए गए। सभी को इलाज की जरूरत पड़ी और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल स्थिति पर निगरानी शुरू कर दी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच शुरू, मिलावटी आटे पर शक
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। अधिकारियों ने कुट्टू के आटे के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। संबंधित दुकानदार की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही संदिग्ध दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। विभाग ने साफ कहा है कि बाजार में मिलावटी आटे की बिक्री किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजनौर में भी करीब 30 लोग बीमार, कई गांवों में असर
उधर, बिजनौर जिले में भी नवरात्र के पहले दिन कुट्टू के आटे से बना भोजन खाने के बाद करीब 30 लोग उल्टी और दस्त का शिकार हो गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेन्द्र सिंह के अनुसार, मंडावली और नजीबाबाद क्षेत्र के सिकरोड़ा, लाहक कला, मोहनपुर और खैरुल्लापुर गांवों में यह मामले सामने आए हैं। सभी प्रभावित लोगों का इलाज कराया जा रहा है।
प्रशासन की अपील, केवल विश्वसनीय खाद्य सामग्री का करें इस्तेमाल
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि व्रत के दौरान केवल विश्वसनीय और पैक्ड खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने त्योहार के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।