प्रीमियम पेट्रोल पर महंगाई की मार: आज से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़े दाम, स्पीड और पावर पेट्रोल हुआ महंगा
देशभर में वाहन चालकों को आज से बड़ा झटका लगा है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई में आई बाधाओं के चलते प्रमुख तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 20 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं, जिससे प्रीमियम ईंधन इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
प्रीमियम ईंधन के दाम बढ़े, सामान्य पेट्रोल-डीजल यथावत
बीपीसीएल का स्पीड, एचपीसीएल का पावर और आईओसीएल का एक्सपी95 अब पहले की तुलना में महंगे दामों पर मिलेंगे। हालांकि, आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत है कि साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों के इस फैसले के पीछे वैश्विक सप्लाई चेन पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है।
मिडिल ईस्ट संकट से तेल बाजार प्रभावित
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस आपूर्ति को प्रभावित किया है। सप्लाई में बाधा आने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है, जिसका सीधा असर अब भारतीय बाजार में भी दिखाई दे रहा है।
प्रीमियम पेट्रोल की खासियत क्या है
प्रीमियम पेट्रोल सामान्य ईंधन की तुलना में अधिक गुणवत्ता वाला होता है, जिसमें ऑक्टेन नंबर 91 से 95 के बीच होता है। इसमें विशेष डिटर्जेंट और एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो इंजन के अंदरूनी हिस्सों को साफ रखने में मदद करते हैं। यह ईंधन खासतौर पर स्पोर्ट्स बाइक और हाई-कंप्रेशन इंजन वाली कारों के बेहतर प्रदर्शन और माइलेज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
आंकड़ों के मुताबिक, इंडियन क्रूड ऑयल बास्केट 17 मार्च को 146 डॉलर के पार पहुंच गया। भारतीय बास्केट में ब्रेंट क्रूड की हिस्सेदारी करीब 78.71 प्रतिशत तक पहुंच गई है। युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में 106 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
रुपये में गिरावट से बढ़ा आयात खर्च
वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा है। डॉलर के मुकाबले रुपया 93 के पार चला गया है, जिससे आयातित कच्चे तेल की लागत और बढ़ गई है। इसका सीधा दबाव तेल कंपनियों पर पड़ रहा है और कीमतों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह यही है।
निर्माण लागत पर भी पड़ा असर
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर केवल ईंधन तक सीमित नहीं है। मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में निर्माण लागत बढ़कर 2780 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से विभिन्न क्षेत्रों में महंगाई का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है।
उपभोक्ताओं के सामने नई चुनौती
प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी ने खासतौर पर हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि कंपनियां दावा करती हैं कि उच्च ऑक्टेन ईंधन इंजन की नॉकिंग को कम कर वाहन की उम्र बढ़ाता है, लेकिन अब उपभोक्ताओं को बढ़ी कीमतों और इन फायदों के बीच संतुलन बनाना होगा।