सियोल में एक ऑटो पार्ट्स फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने बड़े हादसे का रूप ले लिया, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। मध्य शहर देजेओन स्थित इस फैक्ट्री के जले हुए मलबे से बचाव दल ने शव बरामद किए हैं। हादसे में कम से कम 59 लोग घायल हुए हैं, जबकि चार लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है। प्रारंभिक आशंका के अनुसार आग लगने की वजह विस्फोट मानी जा रही है।
घायलों में 25 की हालत गंभीर, बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान
आग लगने के बाद मौके पर बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। 500 से अधिक अग्निशमनकर्मी, पुलिस और आपातकालीन दल को तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक 25 घायलों की हालत गंभीर है, हालांकि उनकी स्थिति जीवन के लिए कितनी खतरनाक है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। घटना के वीडियो में फैक्ट्री परिसर से घना धुआं उठता दिखा और कुछ मजदूर जान बचाने के लिए इमारत से कूदते नजर आए।
ढहने के खतरे के बीच चला सर्च ऑपरेशन
फायर अधिकारियों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि शुरुआत में अग्निशमनकर्मी इमारत के भीतर प्रवेश नहीं कर सके, क्योंकि उसके ढहने का खतरा बना हुआ था। बाद में संरचना को ठंडा करने के लिए मानवरहित अग्निशमन रोबोट तैनात किए गए, जिसके बाद तलाशी अभियान शुरू हुआ।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
बचाव दल को एक शव दूसरी मंजिल पर मिला, जबकि नौ लोगों के अवशेष तीसरी मंजिल पर एक जिम जैसे क्षेत्र में पाए गए। शनिवार सुबह तक सभी सुलभ हिस्सों की तलाशी ली जा चुकी है, लेकिन आशंका है कि चार लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। मलबा हटाने से पहले सुरक्षा जांच की जा रही है।
100 किलोग्राम से अधिक रसायन बरामद, आग फैलने से रोका गया
अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमनकर्मियों ने आग को पास की इमारतों तक फैलने से रोकने और खतरनाक रसायनों को अलग करने पर विशेष ध्यान दिया। घटनास्थल से 100 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील रसायन बरामद किए गए। कई लोग इमारत से कूदने के दौरान घायल हुए, जबकि कुछ धुएं के कारण प्रभावित हुए हैं।
अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी
शनिवार सुबह तक 28 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से चार की सर्जरी की गई है। राहत कार्यों में करीब 120 वाहन और उपकरण लगाए गए, जिनमें विमान, पानी की तोप और अग्निशमन रोबोट शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हादसे पर संज्ञान लेते हुए सभी संसाधनों को झोंकने और राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। आग लगने की सूचना शुक्रवार दोपहर करीब 1:18 बजे मिली थी और घटना के कारणों की जांच जारी है।