लखनऊ में आयोजित ‘युवा संसद-2026’ कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को निर्णायक बताया। गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद उन्होंने कहा कि देश को मजबूत और समरस बनाने के लिए समान नागरिक संहिता बेहद जरूरी है।
‘एक देश में दो कानून नहीं चल सकते’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एक ही देश में अलग-अलग कानून व्यवस्था समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और कानूनी एकरूपता ही एक सशक्त राष्ट्र की बुनियाद होती है, इसलिए समान नागरिक संहिता को लागू करना समय की जरूरत है।
युवाओं को बताया विकसित भारत की ताकत
‘यूसीसी एवं विकसित भारत’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में युवा पीढ़ी की सोच और ऊर्जा सबसे अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मतलब सिर्फ आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि समान अवसर, न्यायपूर्ण व्यवस्था और सामाजिक संतुलन भी है।
लोकतांत्रिक समझ और नेतृत्व पर जोर
मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को गहराई से समझें और अपने नेतृत्व कौशल को विकसित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही राष्ट्रीय नीतियों को मजबूती मिलेगी और देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।
नीतिगत मुद्दों से जोड़ने का मंच
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को देश के महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों से जोड़ना और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के प्रति जागरूक करना है। साथ ही राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी इस पहल का अहम हिस्सा है।