पश्चिम एशिया संकट पर अलर्ट भारत, राजनाथ सिंह बोले- भविष्य की चुनौतियों से निपटने को लंबी तैयारी जरूरी
नई दिल्ली में वैश्विक हालात को लेकर सरकार की सक्रियता तेज हो गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की रणनीतिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि बदलती परिस्थितियों से निपटने के लिए मध्यम और दीर्घकालिक तैयारी के साथ त्वरित निर्णय क्षमता बेहद जरूरी है।
उच्चस्तरीय मंत्री समूह की पहली बैठक
रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित अनौपचारिक अधिकार प्राप्त मंत्री समूह की पहली बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और अन्य अहम क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को लेकर व्यापक मंथन किया गया।
ऊर्जा और आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष फोकस
बैठक के बाद दी गई जानकारी में बताया गया कि मुख्य रूप से ऊर्जा आपूर्ति में संभावित जोखिम, जरूरी वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की मजबूती और देश की सप्लाई चेन को सशक्त बनाए रखने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार इन सभी पहलुओं पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
राजनाथ सिंह ने अधिकारियों और संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिए कि वे मौजूदा हालात को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहें और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय रणनीति अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में देशहित सर्वोपरि रहेगा।
सरकार हर परिस्थिति से निपटने को तैयार
रक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी वैश्विक संकट के प्रभाव से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखना है और इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक में शामिल हुए कई केंद्रीय मंत्री
इस अहम बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बिजली मंत्री मनोहर लाल, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।