नोएडा के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ते निवेश और रोजगार के अवसरों के चलते सर्विस सेक्टर में बड़ा बूम आने का अनुमान लगाया जा रहा है।
एक लाख से ज्यादा सीधे रोजगार के अवसर
एयरपोर्ट से जुड़े रिटेल, हॉस्पिटेलिटी, ग्राउंड हैंडलिंग और सुरक्षा सेवाओं में आने वाले वर्षों में 1 लाख से अधिक सीधे रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और कार्गो सेक्टर में करीब 50 हजार नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की उम्मीद है।
रिटेल और रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा
एयरपोर्ट के आसपास ट्रांजिट-ओरिएंटेड मॉल, शॉपिंग प्लाजा और आधुनिक रिटेल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जिससे वैश्विक ब्रांड और पर्यटक आकर्षित होंगे। यमुना और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित कमर्शियल प्रॉपर्टीज की मांग बढ़ेगी और किराये में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है।
ग्लोबल पर्यटन सर्किट से जुड़ेगा क्षेत्र
विशेषज्ञों के अनुसार यह एयरपोर्ट नोएडा-एनसीआर के साथ आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को वैश्विक पर्यटन नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे धार्मिक, मेडिकल और बिजनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर मेट्रो, एक्सप्रेसवे और डिजिटल कनेक्टिविटी के कारण मीटिंग, कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी से जुड़े पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा।
होटल इंडस्ट्री में तेजी, बढ़ेगी मांग
एयरपोर्ट के प्रभाव से नोएडा के प्रमुख बाजारों और होटलों को सीधा फायदा मिलेगा। शुरुआती दौर में होटल ऑक्यूपेंसी और आय में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान है। साथ ही नए होटल प्रोजेक्ट्स के लिए रियल एस्टेट की मांग में भी तेजी आएगी।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
बेहतर लॉजिस्टिक्स, कम लागत और बढ़ती कनेक्टिविटी के चलते सर्विस सेक्टर का विस्तार तेज होगा। अनुमान है कि इससे उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 2 प्रतिशत से अधिक का योगदान मिल सकता है। हॉस्पिटैलिटी, वेयरहाउसिंग, डेटा सेंटर और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा और शहरीकरण को नई दिशा मिलेगी।
हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी
नोएडा प्राधिकरण ने एयरपोर्ट के पास पांच और सात सितारा होटलों के लिए जमीन आवंटित की है। इसका उद्देश्य बिजनेस यात्रियों, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और ट्रांजिट यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है। यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में निवेश बढ़ने से 5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।