गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक शांति के लिए सख्ती बढ़ी, हाई लेवल कमेटी की बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसियों को कड़े निर्देश
गौतमबुद्धनगर, 15 अप्रैल 2026। औद्योगिक क्षेत्रों में सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइंस के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए गठित हाई लेवल कमेटी लगातार बैठकें कर रही है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट में हुई अहम बैठक, बड़े अधिकारियों की मौजूदगी
हाई लेवल कमेटी के अध्यक्ष और औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अपर मुख्य सचिव लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग आलोक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग एम.के.एस. सुंदरम, श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों की जिम्मेदारियां तय
बैठक में कमेटी ने साफ किया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां औद्योगिक संचालन और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने श्रमिकों को अनुशासित रखें और उन्हें इस तरह प्रशिक्षित करें कि किसी भी तरह की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति पैदा न हो।

उपद्रव पर सख्त कार्रवाई, ब्लैकलिस्टिंग तक की चेतावनी
कमेटी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी एजेंसी या उसके श्रमिकों द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ उसका लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
न्यूनतम वेतन और बैंक भुगतान पर जोर
बैठक में श्रमिकों के वेतन और अधिकारों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। अकुशल श्रमिकों को ₹13,690, अर्धकुशल को ₹15,059 और कुशल श्रमिकों को ₹16,868 प्रतिमाह वेतन देना अनिवार्य बताया गया। साथ ही सभी भुगतान सीधे बैंक खातों में करने के निर्देश दिए गए। श्रमिकों का पुलिस सत्यापन, पीएफ और ईएसआई की सुविधा भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर की सुविधा
श्रम विभाग की ओर से स्थापित कॉल सेंटर का टोल-फ्री नंबर 9411900251 सभी एजेंसियों को उपलब्ध कराया गया है। किसी भी समस्या या आपात स्थिति में इस नंबर पर संपर्क कर तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिससे त्वरित समाधान संभव हो सके।

अफवाहों से बचने और सहयोग से काम करने की अपील
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं। औद्योगिक गतिविधियों के सुचारु संचालन से ही रोजगार सुरक्षित रहता है और प्रदेश के विकास को गति मिलती है। इसलिए सभी से अपील की गई कि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और आपसी सहयोग के साथ काम करें।
सरकार ने दोनों पक्षों को दिया भरोसा
हाई लेवल कमेटी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्परता से काम करेगा। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें सभी संविदाकारों ने सरकार के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।