अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण शुरू, ‘पहले आओ, पहले पाओ’ आधार पर स्लॉट बुकिंग, स्वास्थ्य नियम सख्त
पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए इस साल पंजीकरण प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। 3 जुलाई से आरंभ होने वाली इस यात्रा के लिए श्रद्धालु अब आधिकारिक वेबसाइट के जरिए या देशभर में निर्धारित 554 से अधिक बैंक शाखाओं में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक, Yes Bank और Axis Bank की शाखाएं शामिल हैं।
‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगी बुकिंग
यात्रा के लिए पंजीकरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जा रहा है। प्रत्येक मार्ग के लिए रोजाना यात्रियों की संख्या तय की गई है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कर लें, क्योंकि किसी भी निर्धारित तारीख के लिए स्लॉट यात्रा से सात दिन पहले ही बंद कर दिए जाएंगे।
पंजीकरण के बाद मिलेगा यात्रा परमिट और RFID कार्ड
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को सिस्टम के जरिए ‘यात्रा परमिट’ जारी किया जाएगा। इसमें यात्रा की तारीख, चुना गया मार्ग और एंट्री टाइम जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इस बार प्रत्येक यात्री को ‘रियल-टाइम ट्रैकिंग’ के लिए RFID कार्ड भी दिया जाएगा, जिसे यात्रा के दौरान साथ रखना अनिवार्य होगा।
13 से 70 वर्ष के श्रद्धालु ही कर सकेंगे यात्रा
ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य संबंधी कड़े दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा, जिन महिलाओं की गर्भावस्था 6 सप्ताह से अधिक है, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी
सभी श्रद्धालुओं के लिए 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी ‘अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र’ (CHC) जमा करना जरूरी होगा। यह प्रमाण पत्र किसी अधिकृत डॉक्टर या मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान से जारी होना चाहिए। अंतिम यात्रा परमिट जारी करने से पहले इस दस्तावेज़ की जांच की जाएगी।
57 दिनों तक चलेगी पवित्र यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी, जो इसे पिछले वर्षों की तुलना में अधिक लंबी बनाती है। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में हर साल प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कठिन चढ़ाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद लाखों भक्त हर साल इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं।