ट्रंप का बड़ा दावा: ‘चीन खुश है, मैं होर्मुज हमेशा के लिए खोल रहा हूं’, बीजिंग दौरे से पहले जिनपिंग से ‘गले मिलने’ की बात भी कही
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे से पहले एक बार फिर अपने बयानों से वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि उनके कदमों से चीन बेहद खुश है, क्योंकि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खुला रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके प्रयासों के चलते चीन ने ईरान को हथियार न भेजने की सहमति दी है।
सोशल मीडिया पोस्ट में किया बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को चीन और पूरी दुनिया के लिए खुला रखने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आने दी जाएगी। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि चीन ने ईरान को हथियार न भेजने की गारंटी दी है, हालांकि इस दावे पर चीन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘बीजिंग पहुंचते ही जिनपिंग गले लगाएंगे’
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि जब वह कुछ हफ्तों में चीन पहुंचेंगे तो राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनका गर्मजोशी से स्वागत करेंगे और गले लगाएंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को “बेहद समझदारी भरा” बताया और कहा कि आपसी तालमेल से काम करना टकराव से बेहतर है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका किसी भी स्थिति का सामना करने में सक्षम है।
मई में प्रस्तावित है चीन दौरा
ह्वाइट हाउस के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को दो दिवसीय दौरे पर बीजिंग जाएंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी और कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह दौरा पहले मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित था, लेकिन ईरान से जुड़े हालात के चलते इसे टाल दिया गया था।
8 साल बाद चीन यात्रा, वैश्विक नजरें टिकीं
बताया जा रहा है कि पिछले करीब आठ वर्षों में यह ट्रंप का पहला चीन दौरा होगा। इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी चीन का दौरा कर चुके हैं, जहां दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें हुई थीं। ऐसे में ट्रंप की यह यात्रा वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
चीन की प्रतिक्रिया का इंतजार
ट्रंप के दावों के बावजूद चीन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्र को लेकर दिए गए ऐसे बयान आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकते हैं।