नोएडा श्रमिक मुद्दे पर सीएम योगी सख्त: ‘1 अप्रैल से हर हाल में मिले बढ़ा वेतन’, उपद्रवियों पर जीरो टॉलरेंस का आदेश

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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक व्यवस्था और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी श्रमिकों को समय पर पूरा वेतन, सम्मानजनक कार्यस्थल और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलें।

गौतमबुद्ध नगर की घटना पर सख्ती, उपद्रवियों की पहचान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर में हालिया घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लोग वास्तविक श्रमिक नहीं हैं और औद्योगिक अशांति फैलाने में शामिल हैं, उनकी पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर लगाने तक के निर्देश दिए गए, ताकि उनकी पहचान उजागर हो सके। साथ ही श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अराजक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने को कहा गया। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

मैनपावर एजेंसियों की व्यापक जांच का आदेश
श्रमिकों के शोषण की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी मैनपावर सप्लाई एजेंसियों की गहन जांच कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रमिकों की वास्तविक संख्या, कंपनियों से मिलने वाला भुगतान, श्रमिकों को दिया जा रहा वेतन, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की पारदर्शी जांच की जाए। इसके साथ ही सभी औद्योगिक इकाइयों में शिकायत निवारण सेल बनाना अनिवार्य किया गया है, ताकि श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

श्रमिकों के लिए आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सस्ते आवास की योजना जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। कार्यस्थलों पर बेहतर मेस व्यवस्था, बैंक खातों के माध्यम से वेतन भुगतान और दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में बीमा सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल बीमा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

‘1 अप्रैल से बढ़ा वेतन हर हाल में मिले’
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि हाल की वेतन वृद्धि से श्रमिक और उद्योग दोनों संतुष्ट हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ वेतन हर श्रमिक को अनिवार्य रूप से दिया जाए। कुछ औद्योगिक इकाइयों में प्रबंधन संबंधी शिकायतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वे कराने के निर्देश भी दिए, ताकि समस्याओं का निष्पक्ष समाधान हो सके।

उच्चस्तरीय बैठक में शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और शासन के उच्च अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उद्योगों और उद्यमियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

 

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